कोई हाथ का हुनर सीख, तो कोई बैंक से लोन लेकर कर रही हैं काम

आदिवासी बहुल व रोजगार विहीन गुमला जिले में स्वरोजगार तेजी से अपना पांव पसार रहा है. स्वरोजगार की इस दौड़ में महिलाओं की धमक है. कोई हाथ में हुनर सीख कर तो कोई बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार कर रही हैं.

गुमला. आदिवासी बहुल व रोजगार विहीन गुमला जिले में स्वरोजगार तेजी से अपना पांव पसार रहा है. स्वरोजगार की इस दौड़ में महिलाओं की धमक है. कोई हाथ में हुनर सीख कर तो कोई बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार कर रही हैं. इससे न केवल महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि उनके घर की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. बच्चे स्कूल में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और पारिवारिक जीवन भी अच्छा चल रहा है. ऐसी ही कुछ महिलाओं ने प्रभात खबर के साथ अपने जीवन के संघर्ष व आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम की कहानी साझा की. जिले के सिसई निवासी रुकमनी देवी स्वनिर्मित चूड़ियों से अपना और परिवार का भविष्य संवार रही हैं. रुकमनी कहती है कि पहले वह एक घरेलू महिला थी. लेकिन अब वह एक व्यवसायी भी है. रुकमनी ने बताया कि आर्थिक तंगी को देखते हुए उन्होंने आरसेटी गुमला से कॉस्ट्यूम ज्वेलरी का प्रशिक्षण लिया. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह खुद से चूड़ियां व चूड़ियों की डिजाइन बनाती है. खुले बाजार में चूड़ियों की मांग भी है. चूड़ियों से अच्छी-खासी आमदनी कर रही है. गुमला के सकरपुर गम्हरिया की मोनिका कुमारी सिलाई कर परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है. मोनिका ने बताया कि पहले घर की आर्थिक स्थित ठीक नहीं थी, फिर पता चला कि आरसेटी गुमला में नि:शुल्क सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाता है. आरसेटी से प्रशिक्षण लेने के बाद सिलाई-कढ़ाई का काम कर रही हूं, जो आमदनी होती है. उससे आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. गुमला के खरका अमलिया की रोशनी देवी पशुपालन के क्षेत्र में काम कर रही है. वर्तमान में उसके पास 50 से अधिक बकरियां हैं. रोशनी देवी ने कहा कि वह ग्रामीण क्षेत्र की निवासी है. रोजी-रोजगार का साधन नहीं है. इसलिए आरसेटी गुमला से बकरी पालन का प्रशिक्षण लेने के बाद बकरी पालन कर रही हूं. यह भी एक अच्छा व्यवसाय है. इससे काफी अच्छी-खासी आमदनी हो रही हैं. चैनपुर के टोंगो निवासी सुमित्रा तिर्की आरसेटी से प्रशिक्षण लेने के बाद बैंक ऑफ इंडिया से 35 हजार रुपये लोन लेकर घर पर ही अपने पति के साथ सिलाई का काम करती है. सुमित्रा कहती है कि घर की आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने पति के साथ सिलाई का काम कर रही हैं, जो आमदनी होती है. उससे परिवार का जीवन अच्छे से चल रहा है.

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By Prabhat khabar news desk

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