गुमला. गुमला के पालकोट रोड स्थित संध्या रानी ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई. इसके बाद मुख्य अतिथि सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, गुमला ललन कुमार रजक, विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद लाल, निदेशक संजय कुमार गुप्ता, प्रबंध समिति के सदस्य यशवंत सिंह व शिवकुमार लाल तथा भारत विकास परिषद के जिलाध्यक्ष महेश प्रसाद ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी. विद्यालय निदेशक ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया.
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत
समारोह में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए. बेबी नर्सरी, नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आकर्षक फैंसी ड्रेस के माध्यम से लोगों का मन मोह लिया. विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न राज्यों की वेशभूषा और लोकनृत्यों की सुंदर प्रस्तुति देकर भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया.
दांडी मार्च को बच्चों ने किया नृत्य और नाटक के माध्यम से जीवंत
महात्मा गांधी के नमक कानून के विरोध में किए गए ऐतिहासिक दांडी मार्च को बच्चों ने नृत्य और नाटक के माध्यम से जीवंत कर दिया. इस प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा. विद्यालय में आयोजित प्रतिभा सप्ताह में सफल प्रतिभागियों को अतिथियों ने स्मृति चिह्न और पदक देकर सम्मानित किया .
ये भी पढ़ें: झारखंड की 5 महिला स्वतंत्रता सेनानी, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की ईंट से ईंट बजा दी
स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को नमन
मुख्य अतिथि ललन कुमार रजक ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को नमन किया. उन्होंने कहा कि देश निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में प्रत्येक नागरिक को देश की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए .
स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा
प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद लाल ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा बताते हुए महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया. निदेशक संजय कुमार गुप्ता ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं . कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष गायत्री गुप्ता ने किया.मौके पर उपप्राचार्य मैत्री अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे .
