प्रभात खबर में समाचार छपते ही बढ़े मदद के हाथ, गुमला की छात्रा सलोनी के नामांकन का रास्ता हुआ आसान

प्रभात खबर में छपी खबर के बाद पुटू बेचने वाली छात्रा सलोनी की मदद के लिए लोग आगे आए। अब सलोनी का कॉलेज में नामांकन का रास्ता साफ हो गया है।

गुमला : कभी-कभी एक खबर सिर्फ सूचना नहीं देती. बल्कि किसी की जिंदगी बदलने का जरिया भी बन जाती है. पुटू (जंगली मशरूम) बेचकर कॉलेज में नामांकन के लिए 3500 रुपये जुटाने वाली छात्रा सलोनी कुमारी की दर्दभरी कहानी जब 11 जुलाई के प्रभात खबर में प्रकाशित हुई, तो उसकी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ने लगे. गुमला सदर थाना क्षेत्र के टोटो गांव की रहने वाली सलोनी ने इंटर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बाद रांची स्थित कॉलेज में बीए में दाखिले का सपना देखा था, लेकिन नामांकन से ठीक एक दिन पहले पटेल चौक पर पुटू बेचने के दौरान उसकी मेहनत की 3500 रुपये की जमा पूंजी चोरी हो गयी थी.

इस घटना के बाद वह रोते हुए सदर थाना पहुंची थी और उसकी पीड़ा ने हर किसी को भावुक कर दिया था. खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को सदर थाना प्रभारी विनय कुमार ने छात्रा को दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी. वहीं समाजसेवी सह पूर्व वार्ड कमिश्नर हरजीत सिंह ने भी आगे बढ़कर पांच हजार रुपये की मदद की. दोनों की सहायता मिलने के बाद सलोनी के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आयी और उसके उच्च शिक्षा का सपना टूटने से बच गया. सलोनी ने भावुक होकर प्रभात खबर, सदर थाना प्रभारी विनय कुमार और समाजसेवी हरजीत सिंह के प्रति आभार जताया.

उसने कहा है कि अब वह अपना नामांकन करा सकेगी और पढ़ाई जारी रख पायेगी. उसके लिए यह मदद सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि उसके सपनों को नई उड़ान देने वाली उम्मीद है. इधर, चोरी की घटना को लेकर पुलिस की जांच लगातार जारी है. सदर थाना की पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और चोरी गयी राशि बरामद करने के साथ आरोपी की पहचान में जुटी हुई है. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समाज और संवेदनशील व्यवस्था साथ खड़ी हो जाये तो किसी मेहनती छात्र की शिक्षा आर्थिक संकट के कारण नहीं रुकती.


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लेखक के बारे में

By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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