होमियोपैथी पर बढ़ा है लोगों का भरोसा : डॉ मनीष

विश्व होमियोपैथी दिवस पर विशेष

गुमला. व्यान होमियोपैथी के संचालक डॉक्टर मनीष ने 10 अप्रैल को मनाये जाने वाले विश्व होमियोपैथी दिवस को लेकर कहा है कि 19वीं शताब्दी से ही डॉक्टर हैनीमैन द्वारा विकसित होमियोपैथिक चिकित्सा पद्धति व औषधियों को व्यापक स्वीकृति प्राप्त है. होमियोपैथी को वर्तमान में कई देशों में सरल व सुलभ उपचार पद्धति के रूप में अपनाया गया है. ऐसे कई व्यक्ति हैं, जो कई तरह के इलाज कराने के बाद भी निराश होते है. इसके बाद होमियोपैथी से इलाज के बाद उन्हें लाभ पहुंचा है. ऐसे कई उदाहरण हैं, जो वर्तमान में होमियोपैथी इलाज से संतुष्ट और स्वस्थ जीवन जी रहे है. वर्तमान में विश्व स्तर पर लगभग 20 करोड़ लोग होमियोपैथी उपचारों का उपयोग करते हैं, तथा भारत में यह दूसरी सबसे लोकप्रिय चिकित्सा पद्धति है. होम्योपैथी व्यक्ति के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के समग्र संतुलन पर केंद्रित है. यह एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जो शरीर की स्वाभाविक उपचार क्षमता को बढ़ावा देता है व क्षमता का सम्मान करती है तथा इस कार्य में सहायक बनती है. होमियोपैथी का दवा किसी पर कारगर नहीं होने पर भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है और लोग पहले के अपेक्षा वर्तमान में होमियोपैथी के प्रति काफी भरोसा बढ़ा है.

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