गुमला. श्रमिक, किसान कर्मचारी संगठनों ने गुरुवार को आहूत देशव्यापी हड़ताल का असर गुमला में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) गुमला मुख्य शाखा में भी रहा. एलआइसी कर्मी देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में शाखा के मुख्य द्वार पर ताला जड़ा और धरना पर बैठे रहे. इस दौरान एलआइसी में सभी कामकाज पूरी तरह से ठप रहे. कर्मियों ने श्रमिकों, किसानों व कर्मचारियों के हित में नारे लगाते हुए दिन भर कामकाज ठप रखा और श्रम कानूनों में संशोधन का विरोध किया. बीमा कर्मचारी संघ जमशेदपुर मंडल के उपाध्यक्ष सेत कुमार एक्का ने कहा कि बीते दिनों भारत सरकार ने जो चार श्रम कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया है. वह असंगठित क्षेत्रों व संगठित क्षेत्रों के श्रमिकों व कर्मचारियों के लिए हर दृष्टिकोण से असुरक्षित व नुकसानदायक है. कहा कि जिस तरह से इतनी अच्छी पुरानी पेंशन योजना के बदले नयी पेंशन योजना लागू कर कर्मचारियों के भविष्य के साथ कुठाराघात किया गया है, वैसे श्रम कानूनों में संशोधन भी घोर कुठाराघात है. दूसरी ओर भारतीय जीवन बीमा निगम में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में बहुत सारे खाली पद रहते हुए भी बीते पांच वर्षों से नयी बहाली नहीं की जा रही है. मौके पर शशिभूषण बेक, माधुरी कुल्लू, अहमद तिग्गा, मेरी ब्लांच केरकेट्टा, गोपाल बोस, माइकल सुरीन, संजय टोप्पो, राकेश कुमार, चंदन कुमार, खुशबू उरांव, सौम्या, अश्विनी कुमार, अनुज केरकेट्टा, प्रसंग रंजन, बंधु तिग्गा, किशोर एक्का, बालेश्वर उरांव आदि उपस्थित थे.
श्रम कानूनों में संशोधन का किया विरोध
देशव्यापी हड़ताल के समर्थन. कर्मियों ने एलआइसी कार्यालय में जड़ा ताला, कामकाज ठप
