गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: गुमला जिले में दो नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. गुमला व्यवहार न्यायालय के एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने मामले में सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया है. अदालत ने गुरदारी थाना कांड संख्या 11/2021 और पॉक्सो केस संख्या 45/2021 की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया. सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी और पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत दोषी पाया गया है. अब मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई 30 मई 2026 को होगी. अदालत के फैसले के बाद पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
वर्ष 2021 में सामने आया था मामला
जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 2021 का है. गुरदारी थाना क्षेत्र में दो नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. उस समय इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था. सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी.
अदालत में पेश किए गए महत्वपूर्ण साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए. इसमें पीड़िताओं के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी व दस्तावेजी साक्ष्य शामिल थे. सरकार की ओर से लोक अभियोजक यानी पीपी सुधीर टोप्पो ने अदालत में पक्ष रखा. अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि उपलब्ध साक्ष्य और गवाह आरोपियों की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित करते हैं. सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और साक्ष्यों का परीक्षण किया.
अदालत ने सभी नौ आरोपियों को माना दोषी
दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने सभी नौ अभियुक्तों को दोषी करार दिया. अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है. अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी, जो सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित है, तथा पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत दोष सिद्ध माना. फैसले के बाद आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में ही रखा गया. अब अगली सुनवाई में अदालत सजा की अवधि और अन्य कानूनी बिंदुओं पर फैसला सुनाएगी.
30 मई को सजा पर होगी सुनवाई
मामले में अब सभी की नजर 30 मई 2026 को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई है. इसी दिन अदालत दोषियों को मिलने वाली सजा पर अपना निर्णय सुनाएगी. कानूनी जानकारों का मानना है कि पॉक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में कठोर सजा का प्रावधान है. ऐसे मामलों में अदालत पीड़ितों की सुरक्षा और समाज में संदेश देने को भी ध्यान में रखती है.
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पीड़िताओं को न्याय मिलने की उम्मीद
अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों में न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है. लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को सजा मिलना जरूरी है, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे. इस फैसले को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि अदालत दोषियों को कड़ी सजा देकर समाज में मजबूत संदेश देगी.
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