नेताजी के क्षेत्र में कीचड़ में फंसी गाड़ी, लुचुतपाठ गांव की जर्जर सड़क बनी परेशानी का कारण

गुमला के लुचुतपाठ गांव में जर्जर सड़क के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। कीचड़ में फंसी गाड़ी, प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग।

डुमरी: नेताजी के विधानसभा क्षेत्र लुचुतपाट गांव में कीचड़ में गाड़ी फंस गयी. एक दर्जन लोगों ने धक्का देकर गाड़ी को गांव तक पहुंचाया. गुमला के आकांक्षी प्रखंड डुमरी के मझगांव पंचायत स्थित आदिम जनजाति (पीवीटीजी) बहुल लुचुतपाठ गांव आज भी बेहतर सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है. गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाला मार्ग वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ा है.

सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे, कीचड़ और उबड़-खाबड़ रास्ता होने से ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन और अन्य आवश्यक कार्यों के लिये प्रखंड मुख्यालय तथा नजदीकी बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है.

बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. लगातार बारिश के कारण पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना और दोपहिया वाहन चलाना भी जोखिम भरा हो जाता है. आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहन समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाते. जिससे मरीजों और जरूरतमंदों की परेशानी बढ़ जाती है.

कई बार बारिश के दौरान गांव का मुख्य सड़क से संपर्क पूरी तरह कट जाता है. ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग कई बार स्थानीय प्रशासन और विधायक के समक्ष रखी गयी. लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है. नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है.


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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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