गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने बुधवार को आकांक्षी प्रखंड डुमरी में ग्रामीणों को वैकल्पिक खेती से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित मशरूम उत्पादन अभियान का निरीक्षण किया. इस क्रम में उन्होंने ओखरगढ़ा पंचायत का भ्रमण कर गांव में संचालित मशरूम उत्पादन का जायजा लिया.
उपायुक्त ने मशरूम उत्पादन से जुड़ी महिला लाभुकों और ग्रामीणों से संवाद कर उनके अनुभव, उत्पादन और आय की जानकारी प्राप्त की. ओखरगढ़ा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) का गांव है. वर्तमान में गांव के 35 से अधिक परिवार मशरूम उत्पादन से जुड़कर वैकल्पिक खेती को अपना रहे हैं.
महिलाओं ने बड़े स्तर पर उत्पादन की जतायी इच्छा
मशरूम उत्पादन से जुड़ी महिला लाभुकों ने उपायुक्त के समक्ष अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने आगे बड़े स्तर पर मशरूम उत्पादन करने की इच्छा जताते हुए अतिरिक्त कमरे और उत्पादन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी.
उपायुक्त ने एक लाभुक के घर पहुंचकर स्वयं मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन किया. उन्होंने लाभुक महिला से उत्पादन, बिक्री और इससे प्राप्त आय की जानकारी ली. लाभुक ने बताया कि ताजा मशरूम डुमरी बाजार में बेचने के साथ उसे सुखाकर भी बिक्री की जा रही है. इससे अब तक लगभग आठ से 10 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है.
ऑयस्टर के बाद बटन मशरूम पर होगा काम
उपायुक्त ने कहा कि इस क्षेत्र में मशरूम उत्पादन की संभावनाएं हैं, लेकिन पहले ग्रामीणों के बीच इसके बारे में व्यापक जानकारी नहीं थी. जिला प्रशासन द्वारा नीति आयोग के आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए किसानों और महिलाओं को मशरूम उत्पादन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह पहल प्रारंभिक चरण में है और आगे इसे व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना है. प्रथम चरण में ग्रामीणों को ऑयस्टर मशरूम उत्पादन के लिए प्रशिक्षण और किट उपलब्ध कराया गया है. आगामी चरण में बटन मशरूम के उत्पादन पर भी कार्य किया जायेगा. इसके लिए मशरूम शेड का निर्माण करने की योजना है.
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को प्रखंड स्तर पर उपलब्ध किसी उपयुक्त भवन या कमरे की संभावनाओं का तत्काल आकलन करने का निर्देश दिया, ताकि बटन मशरूम उत्पादन की शुरुआत की जा सके.
वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि जिले में वैकल्पिक खेती की व्यापक संभावनाएं हैं. मशरूम उत्पादन के साथ अन्य वैकल्पिक कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की दिशा में जिला प्रशासन कार्य कर रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आय के अतिरिक्त साधन विकसित हों और अधिक से अधिक परिवार आत्मनिर्भर बन सकें.
मौके पर एसडीओ चैनपुर, बीडीओ डुमरी, पंचायत के मुखिया, जिला योजना कार्यालय के पदाधिकारी-कर्मी एवं गांव की महिलाएं मौजूद थीं.
