पालकोट.प्रखंड के बागेसेरा पंचायत अंतर्गत नवप्राथमिक विद्यालय हर्राटोली में बच्चों का भविष्य भगवान भरोसे है. विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक कुल 40 बच्चे नामांकित हैं. इन्हें पढ़ाने के लिए दो पारा शिक्षक जतरू उरांव और शकुंतला देवी पदस्थापित हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय नहीं आते हैं. पारा शिक्षक जतरू उरांव बिना किसी आवेदन के करीब दो माह से विद्यालय से अनुपस्थित हैं. वहीं, शिक्षिका शकुंतला देवी विद्यालय आकर सिर्फ हाजिरी बनाती हैं और इसके बाद चली जाती हैं. शिक्षकों की अनुपस्थिति का असर बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ रहा है.
रोज पहुंचते हैं करीब दर्जन भर बच्चे
विद्यालय में 40 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन प्रतिदिन करीब दर्जन भर बच्चे ही विद्यालय पहुंच रहे हैं. शिक्षक के नहीं रहने से बच्चे बिना पढ़ाई किये ही वापस लौट जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिक्षकों के अनुपस्थित रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और विद्यालय में बच्चों की संख्या भी घट रही है. विद्यालय भवन का कई वर्षों से रंग-रोगन भी नहीं कराया गया है. इससे भवन की स्थिति भी बदहाल नजर आती है.
दोनों शिक्षकों का रवैया एक जैसा
इस संबंध में संकुल साधन सेवी जेवियर टोपनो ने बताया कि दोनों शिक्षकों का रवैया एक जैसा है. दोनों के बीच आपसी तालमेल नहीं होने के कारण विद्यालय का संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है. उन्होंने बताया कि पारा शिक्षक जतरू उरांव करीब दो माह से बिना आवेदन के विद्यालय से अनुपस्थित हैं. उनका वेतन रोक दिया गया है.
शिक्षकों की मनमानी से ग्रामीण नाराज
शिक्षकों की मनमानी से ग्रामीणों में भी नाराजगी है. ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक विद्यालय आते नहीं हैं और आने पर हाजिरी बनाकर चले जाते हैं. ऐसे में बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी. ग्रामीणों ने उपायुक्त, गुमला से मामले का संज्ञान लेते हुए विद्यालय में नियमित शिक्षकों की व्यवस्था कराने की मांग की है.
