पत्नी बच्चों को लेकर गयी थी पड़ोस में, सुबह घर लौटी तो पति की मौत हो चुकी थी

गुमला के बसिया में पारिवारिक विवाद के बाद एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर जान दी. पत्नी बच्चों के साथ पड़ोसी के घर गई थी, सुबह लौटने पर शव फंदे से लटका मिला.

गुमला. बसिया थाना क्षेत्र के कोनवीर गांव में पारिवारिक विवाद के बाद 38 वर्षीय विकास सिंह की मौत हो गयी. शनिवार सुबह पत्नी के घर लौटने पर घटना की जानकारी हुई. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटना के बाद गांव में मातम पसरा है.

रात में पत्नी से हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, विकास सिंह शुक्रवार रात नशे की हालत में घर पहुंचा था. इसी दौरान किसी बात को लेकर पत्नी से उसका विवाद हो गया. विवाद बढ़ने पर विकास ने पत्नी के साथ मारपीट की. पति की मारपीट से बचने के लिए पत्नी अपने दो छोटे बच्चों के साथ पड़ोस के एक घर में चली गयी और वहीं रात बितायी.

सुबह घर लौटी तो नहीं खुला दरवाजा

शनिवार सुबह करीब आठ बजे पत्नी बच्चों के साथ घर लौटी. घर का दरवाजा अंदर से बंद था. काफी आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. आशंका होने पर पत्नी ने खिड़की से अंदर देखा, तो विकास कमरे में फंदे से लटका मिला. इसके बाद उसने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी. ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी.

पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला

सूचना मिलते ही बसिया थाना के एसआई चंदन कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और विकास के शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.

परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे

बताया गया कि विकास शादी-विवाह समारोहों में खाना बनाने का काम करता था. परिवार में पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे हैं. पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हालांकि, घटना के पीछे के कारणों की पूरी जानकारी के लिए पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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