घाघरा (गुमला). घाघरा प्रखंड की अरंगी पंचायत स्थित खंभिया गांव में बिना पुल निर्माण के सरकारी राशि की निकासी के मामले में प्रभात खबर में सोमवार को खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गयी. खबर प्रकाशित होने के बाद डीपीएम सतीश कुमार अपनी टीम के साथ खंभिया गांव पहुंचे और मामले की जांच की.
बिना अनुमति के बदल दिया निर्माण स्थल
जांच के दौरान सामने आया कि जिस निर्धारित स्थल पर पुल का निर्माण होना था, वहां पुल नहीं बनाया गया. इसके बजाय बिना आधिकारिक अनुमति के दूसरे स्थल पर पुल का निर्माण कर दिया गया. नियमों के अनुसार किसी योजना के निर्माण स्थल में बदलाव से पहले ग्रामसभा करना और जिला पंचायती राज पदाधिकारी से अनुमति लेना जरूरी है. हालांकि, इस मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किये जाने की बात जांच में सामने आयी है.ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव आशिक मीर, कनीय अभियंता जीवन एक्का और मुखिया लोदो एक्का की मिलीभगत से निर्माण स्थल में बदलाव किया गया. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.
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दोनों स्थलों का किया गया निरीक्षण
डीपीएम की टीम ने उस स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां नियमानुसार पुल का निर्माण होना था. इसके अलावा उस जगह का भी जायजा लिया गया, जहां वर्तमान में पुल बनाया गया है. टीम ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली. जांच के दौरान योजना से जुड़े दस्तावेजों और निर्माण कार्य से संबंधित बिंदुओं की भी जानकारी जुटायी गयी.
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जांच के बाद सौंपी जायेगी रिपोर्ट
जांच के संबंध में डीपीएम सतीश कुमार ने बताया कि जिला पंचायती राज पदाधिकारी के आदेश पर मामले की जांच की जा रही है. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर लिखित रूप में जिला पंचायती राज पदाधिकारी को सौंपी जायेगी. जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि योजना में किन स्तरों पर नियमों का उल्लंघन हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
