सिसई. केंद्रीय सरना समिति के तत्वावधान में सोमवार को केंद्रीय सरना स्थल में करमा पूर्व संध्या समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में 25 गांवों के खोड़हा दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदर की थाप पर करमा गीत और नृत्य प्रस्तुत कर आदिवासी संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी.
एक के बाद एक खोड़हा दलों की प्रस्तुति से पूरा परिसर करमा गीतों और मांदर की गूंज से सराबोर रहा. बेहतर प्रदर्शन करने वाले खोड़हा दलों के चयन के लिए सुखदेव उरांव, सोमरा उरांव, साधो उरांव, लोहरा उरांव, सुरेंद्र भगत व धुमा उरांव की निर्णायक मंडली बनायी गयी थी.
निर्णायक मंडली ने गीत, नृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और प्रस्तुति के आधार पर टीमों का मूल्यांकन किया. कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और समिति के पदाधिकारियों ने सभी खोड़हा दलों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया. समारोह में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष जलेश्वर उरांव, सचिव रोपना उरांव, कोषाध्यक्ष गंदूर भगत, समाजसेवी अरविंद कुजूर, जगदेव उरांव, सचिदानंद उरांव, विजय लक्ष्मी कुमारी, रामनिवास भगत, बिराज उरांव, मुखिया सुनीता देवी व शकुंतला देवी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
