एससी-एसटी विशेष लोक अभियोजक सेवामुक्त, नये अभियोजकों को सौंपे जायेंगे लंबित केस

झारखंड सरकार के गृह विभाग ने राज्य के विशेष न्यायालयों में कार्यरत एससी-एसटी लोक अभियोजकों को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया है. आदेश के अनुसार, अधिवक्ता वर्ग के इन अभियोजकों को उनके द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर भुगतान किया जाएगा.

गुमला.झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अभियोजन निदेशालय ने राज्य के व्यवहार न्यायालयों में संचालित एससी-एसटी विशेष न्यायालयों में अधिवक्ता वर्ग से कार्यरत विशेष लोक अभियोजकों को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त करने का आदेश जारी किया है. अभियोजन निदेशालय के उप निदेशक की ओर से इस संबंध में आठ सितंबर 2026 को पत्र जारी किया गया है.

पत्र में कहा गया है कि विभागीय आदेश के तहत विभिन्न जिलों के एससी-एसटी विशेष लोक अभियोजकों को कार्यावधि विस्तार की प्रत्याशा में उनके द्वारा वास्तविक रूप से किये गये कार्य के आधार पर शुल्क एवं मानदेय का भुगतान किया जायेगा. इसके लिए आदेश निर्गत होने की तिथि तक अवधि विस्तार प्रदान करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त किया गया है.

अभियोजन निदेशालय ने सभी उपायुक्तों, लोक अभियोजकों एवं प्रभारी लोक अभियोजकों को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिवक्ता वर्ग के विशेष लोक अभियोजकों को विभागीय आदेश की प्रति उपलब्ध करायी जाये. साथ ही एससी-एसटी विशेष न्यायालयों में लंबित मामलों से संबंधित दस्तावेज, संचिकाएं और अन्य कागजात सक्षम लोक अभियोजक अथवा अपर लोक अभियोजक को हस्तगत कराने की कार्रवाई की जाये.

इसके अलावा संबंधित विशेष लोक अभियोजकों द्वारा एक सितंबर 2026 तक किये गये कार्यों की जांच कर दैनिक सुनवाई शुल्क के भुगतान के लिए नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है. इसकी जानकारी शीघ्र अभियोजन निदेशालय और विभाग को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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