अब गांव की महिलाएं भी चलायेंगी ट्रैक्टर, गुमला में शुरू हुई कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना, जानें क्या होगा इसका फायदा

बतातें चले कि इस योजना को महिलाओं को ध्यान में रख कर बनायी गयी है. यह योजना गुमला जिले की महिलाओं के लिए नयी है. इससे पूर्व महिलाओं के लिए इस प्रकार की योजना कभी भी नहीं बनी. इधर, इस योजना से उसी एसएचजी (स्वयं सहायता समूह) की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है.

Jharkhand News, Gumla News गुमला : गुमला जिले की ग्रामीण महिलाएं भी अब पुरुषों की तरह ही ट्रैक्टर चलायेंगी. ट्रैक्टर चलाने के साथ-साथ महिलाएं कुटीर उद्योग से भी जुड़ेंगी. जिससे न केवल महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी. बल्कि जिले में कुटीर उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके लिए कृषि यांत्रिकीकरण प्रोत्साहन योजना बनायी गयी है. यह योजना भूमि संरक्षण विभाग गुमला की है.

बतातें चले कि इस योजना को महिलाओं को ध्यान में रख कर बनायी गयी है. यह योजना गुमला जिले की महिलाओं के लिए नयी है. इससे पूर्व महिलाओं के लिए इस प्रकार की योजना कभी भी नहीं बनी. इधर, इस योजना से उसी एसएचजी (स्वयं सहायता समूह) की महिलाओं को जोड़ा जा रहा है.

जो एसएचजी जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी) से रजिस्टर्ड हैं. भूमि संरक्षण विभाग द्वारा 20 एसएचजी को 80 प्रतिशत अनुदान पर मिनी ट्रैक्टर दिया जायेगा. जबकि 20 प्रतिशत राशि एसएचजी को लगाना पड़ेगा. मिनी ट्रैक्टर के साथ-साथ एसएचजी को मिनी राइस मिल, मिनी ऑयल मिल व मिनी दाल मिल भी दिया जायेगा. मिनी ट्रैक्टर, मिनी राइस मिल, मिनी ऑयल मिल व मिनी दाल मिल का एक पैकेज बना हुआ है.

जिसकी कीमत पांच लाख रुपये है. जिसे एसएचजी को महज एक लाख रुपये में मुहैया कराया जायेगा. शुरुआती समय में मिनी ट्रैक्टर, मिनी राइस मिल, मिनी ऑयल मिल व मिनी दाल मिल लेने के लिए एसएचजी को पूरे पांच लाख रुपये कैश देने होंगे. बाद में चार लाख रुपये एसएचजी को डीबीटी के माध्यम से वापस किया जायेगा.

मिनी ट्रैक्टर, मिनी राईस मिल, मिनी ऑयल मिल व मिनी दाल मिल की खरीदारी के बाद एसएचजी को खरीदारी का वाउचर भूमि संरक्षण विभाग में जमा करना होगा. वाउचर जमा करने के बाद एसएचजी को डीबीटी के माध्यम से चार लाख रुपये वापस किया जायेगा.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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