नगर परिषद की पहली महिला अध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार का.
पूर्व वार्ड कमिश्नर आरिफ आलम बालो ने कार्यपालक पदाधिकारी पर जनता के कामों में उदासीनता और अहंकार का आरोप लगाया. उनका कहना है कि अधिकारी सीधे मुंह बात नहीं करते और जनता की समस्याओं को हल करने में रुचि नहीं दिखाते. वहीं, स्थानीय व्यवसायी शंकर लाल जाजोदिया ने भी शिकायत की कि उनका आवेदन एक महीने से लंबित है और अधिकारी फाइल दबाकर बैठे हैं.
इस विवाद ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिये हैं. एक ओर जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को उठाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक अधिकारी पर काम में लापरवाही और मनमानी का आरोप लग रहा है. पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि मामला व्यक्तिगत विवाद का है या फिर प्रशासनिक कार्यशैली की गंभीर खामियों का. फिलहाल गुमला नगर परिषद में यह घटना चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है.