डीएसई ने बच्चों के साथ बैठकर पढ़ी पुस्तकें, नियमित पठन के लिए किया प्रेरित

गुमला के राजकीय मध्य विद्यालय टोटो में पठन अभियान के तहत डीएसई नूर आलम ने बच्चों के साथ पुस्तकें पढ़ीं और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया.

गुमलाः बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने और पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राज्यव्यापी पठन अभियान ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ के तहत मंगलवार को राजकीय मध्य विद्यालय टोटो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) नूर आलम ने बच्चों के साथ बैठकर पुस्तकें पढ़ीं और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया.

डीएसइ ने बच्चों का बढ़ाया उत्साह

डीएसई नूर आलम की सक्रिय भागीदारी से बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला. उन्होंने शिक्षकों को भी अपने विद्यालय में पठन अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने का निर्देश दिया. कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ पाठ्य और कहानी की पुस्तकों का वाचन किया. इससे विद्यालय परिसर में अध्ययन का माहौल बना रहा.

ये भी पढ़ें- Ranchi में तीन बड़े फ्लाइओवर का टेंडर फाइनल, अक्तूबर से शुरू होगा निर्माण

किताबों से जुड़ने का मिला अवसर

विद्यालय की प्राचार्य अनिता देवी ने कहा कि बच्चों में पठन की आदत जितनी मजबूत होगी, उनकी सीखने और समझने की क्षमता भी उतनी ही बेहतर होगी. उन्होंने कहा कि ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ जैसे अभियान विद्यार्थियों को किताबों से जोड़ने के साथ-साथ अपनी बात शब्दों के माध्यम से खुलकर व्यक्त करने का अवसर भी देते हैं. कार्यक्रम में टोटो की सीआरपी मंजुला मिश्रा और एफएलएन पीएमयू गुमला के सत्यजीत भी मौजूद रहे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >