स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लायें : डीसी

जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा की गयी

By Prabhat Khabar News Desk | March 19, 2025 9:01 PM

गुमला. जिला स्तरीय समन्वय समिति गुमला की बैठक उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार चंदाली में हुई. बैठक में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, खाद्य वितरण, पेयजल एवं स्वच्छता समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गयी. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने व संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का निर्देश दिया. साथ ही जिन क्षेत्रों में अभी भी घरों में प्रसव हो रहा है, तो वहां के कारणों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें. आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में उपायुक्त ने आयुष्मान अंतर्गत आधार कार्ड मिसमैच की समस्या पर चिंता जतायी. साथ ही इस समस्या का त्वरित समाधान करने तथा सभी छूटे हुए पात्र नागरिकों का अविलंब आयुष्मान कार्ड बनाने का निर्देश दिया. सर्पदंश मामले में उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक एंटी-वेनम स्टॉक सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया. स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा में सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने, ब्लड डोनेशन कैंप का शिड्यूल तैयार करने व नियमित रूप से इसका आयोजन सुनिश्चित करने तथा सभी एंबुलेंस की नियमित जांच व संचालन सुनिश्चित करने, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की त्वरित सहायता प्रदान करने, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारों की समस्या को दूर करने के लिए टोकन सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल में सुधार के लिए बेहतर सुझाव देने वाले नागरिकों को 29 मार्च को सम्मानित किया जायेगा. समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करने, मातृ वंदना योजना के तहत शत-प्रतिशत लाभुकों को कवर करने, आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत व निर्माण कार्यों शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया. कल्याण विभाग की समीक्षा में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में सभी विद्यालयों को शीघ्र पंजीकरण कराने का निर्देश दिया. कहा कि इसमें लापरवाही बरतते हैं, तो उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी. पशुपालन विभाग की समीक्षा में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि लाभुक को दिये गये पशु बीमार हो या उसकी आयु कम हो, तो लाभुक उसे लेने से मना कर सकते हैं. उपायुक्त ने सभी पशुओं की टैगिंग और रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने, जिन पशुओं की मृत्यु के बाद बीमा का क्लेम नहीं किया गया है, उसे अविलंब निबटाने तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इसके अलावा उपायुक्त सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग समेत अन्य विभागों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. बैठक में उपविकास आयुक्त गुमला, परियोजना निदेशक आइटीडीए, अपर समाहर्ता, डीसीएलआर, गुमला, बसिया व चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी समेत विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ, सीओ व संबंधित पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे.

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