गुमला. गुमला में नौ वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए पत्नी की हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-तृतीय गुमला भूपेश कुमार की अदालत ने चैनपुर थाना कांड संख्या 18/2017 में आरोपी श्याम सिंह रौतिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी. न्यायालय ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे तीन वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. अदालत के इस फैसले के साथ वर्ष 2017 में हुई पार्वती देवी हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का लंबा अध्याय समाप्त हो गया. न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना की राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा मृतका के माता-पिता अथवा उनके आश्रित बच्चों को मुआवजा के रूप में दिया जायेगा. इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) गुमला को भी मृतका के आश्रितों को पर्याप्त पीड़ित क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने पर विचार करने की अनुशंसा की गयी है. यह मामला चैनपुर थाना क्षेत्र के बसेकम गांव कै है. मृतका पार्वती देवी के पिता किशोर रौतिया ने 13 जुलाई 2017 को चैनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. शिकायत में उन्होंने अपनी पुत्री की हत्या का आरोप उसके पति श्याम रौतिया पर लगाया था. प्राथमिकी के अनुसार पार्वती देवी की शादी वर्ष 2002 में बसे कम गांव निवासी श्याम रौतिया के साथ हुई थी. घटना वाले दिन सुबह किशोर रौतिया को मोबाइल फोन के माध्यम से सूचना मिली कि उनकी बेटी की मौत हो गयी है. सूचना मिलते वह परिजनों के साथ बेटी की ससुराल पहुंचे, जहां उन्होंने पार्वती देवी को घर के अंदर मृत अवस्था में पड़ा पाया.
पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद, 30 हजार लगा जुर्माना
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तृतीय भूपेश कुमार की अदालत ने सुनाया फैसला
