झारखंड की आदिवासी नाबालिग को कैसे मिलेगा न्याय? 40 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं बलात्कारी

Jharkhand News: उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित बेटी को न्याय दिलाने के लिए पूरा देश एकजुट हो गया. झारखंड की आदिवासी बेटी को कौन न्याय दिलायेगा? गुमला जिला के बिशुनपुर प्रखंड में एक नाबालिग आदिवासी बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपी 40 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. आजाद घूम रहे हैं.

बिशुनपुर : उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित बेटी को न्याय दिलाने के लिए पूरा देश एकजुट हो गया. झारखंड की आदिवासी बेटी को कौन न्याय दिलायेगा? गुमला जिला के बिशुनपुर प्रखंड में एक नाबालिग आदिवासी बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोपी 40 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. आजाद घूम रहे हैं.

इस बच्ची के साथ 5 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था. पुलिस दावा कर रही है कि वह हरसंभव कोशिश कर रही है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाये. लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद भी एक भी आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आये हैं. घटना 29 अगस्त, 2020 को हुई थी.

बिशुनपुर प्रखंड के आरंगलोया गांव की एक नाबालिग आदिवासी बच्ची अपने भाई के साथ फुटबॉल मैच देखने हरराटोली गांव गयी थी. वहां से लौटने में देर हो गयी. वह अपने गांव अरंगलोया पहुंचने ही वाल थी कि पीछे से दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर आये पांच अज्ञात युवकों ने उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया.

Also Read: झारखंड के 90% बच्चों को नहीं मिलता पोषक आहार, 3.3 करोड़ में 1.3 करोड़ लोग गरीब, कैसे खत्म हो पीढ़ियों से चला आ रहा कुपोषण?

विरोध करने पर युवती के भाई के साथ उन लोगों ने मारपीट भी की. इसके बाद नाबालिग लड़की को अपनी मोटरसाइकिल में बैठाकर भाग गये. युवती के भाई ने तत्काल बिशुनपुर पुलिस को घटना की जानकारी दी. पुलिस ने रात में युवती की बरामदगी के लिए छापेमारी अभियान चलाया.

छापामारी के दौरान ही रात के करीब 1:00 बजे युवती तुमसे कोयल नदी के समीप मिली. उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है. तब से पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है, लेकिन उसे अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है.

Also Read: VIDEO: मूसलाधार बारिश के बीच रात भर उफनायी नदी में फंसा रहा मछुआरा, सुबह पहुंची एनडीआरएफ की टीम

स्थानीय लोग और पीड़िता के परिवार का कहना है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस की घटना के लिए पूरे देश में आंदोलन चल रहा है, लेकिन गुमला की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा. न राजनीतिक दल न सामाजिक संगठन. यही वजह है कि बिशुनपुर जैसे पिछड़े क्षेत्र की बेटी को न्याय मिलने में इतनी देर हो रही है.

Posted By : Mithilesh Jha

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >