प्रतिनिधि, गुमला
जिले के सिसई प्रखंड के नगर कुसुमटोली गांव निवासी 23 वर्षीय उदय गोप दुबई में लापता हो गया है. पहली तनख्वाह मिलने के बाद घर पैसे भेजने की बात कहने वाले उदय का मोबाइल फोन कुछ ही घंटों बाद बंद हो गया. इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है. परिजनों ने मामले में साजिश की आशंका जताते हुए सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगायी है. जानकारी के अनुसार, उदय गोप ने सिलम स्थित गुरुकुल से टाइल्स मिस्त्री का तीन माह का प्रशिक्षण लिया था. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उसकी नौकरी दुबई की शोभा कंस्ट्रक्शन कंपनी में लगी. 17 मई को वह चैनपुर निवासी नीरज कुजूर के साथ दुबई रवाना हुआ.
गुरुकुल की ओर से वीजा, पासपोर्ट और हवाई टिकट की व्यवस्था की गयी थी. दो जुलाई की सुबह करीब चार बजे उदय ने अपने पिता अमर गोप को फोन कर कहा कि पापा अपना बैंक खाता नंबर भेज दीजिये. पहली तनख्वाह मिली है. घर पैसे भेजने हैं. पिता ने खाता नंबर भेज दिया, लेकिन दोपहर तक पैसे नहीं पहुंचे. जब उन्होंने दोबारा बेटे से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला. शुरुआत में परिवार ने इसे नेटवर्क की समस्या समझा, लेकिन अगले कई दिनों तक फोन बंद रहने से उनकी चिंता बढ़ती गयी.
इसी बीच दुबई में रह रहे उदय के मामा दीपेश्वर गोप ने परिजनों को सूचना दी कि उदय कई दिनों से लापता है. परिजनों के अनुसार उदय के साथ गये नीरज कुजूर ने कंपनी को उसका मोबाइल फोन और आइडी कार्ड जमा करते हुए बताया कि उदय उसे मोबाइल और आइडी देकर शौच के लिए गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा. शुक्रवार को उदय के परिजन सिलम स्थित गुरुकुल पहुंचे, जहां से उसे दुबई भेजा गया था. परिवार ने पूरी जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. गुरुकुल की ओर से कंपनी से संपर्क करने पर बताया गया कि उदय को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है. इस जवाब से परिजनों की चिंता और बढ़ गयी है.
उनका कहना है कि जो युवक पहली तनख्वाह घर भेजने की बात कर रहा था, वह बिना किसी सूचना के अचानक गायब कैसे हो सकता है. उदय के पिता अमर गोप ने बेटे की सकुशल बरामदगी की अपील करते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि उनका बेटा किसी साजिश का शिकार हुआ है. परिवार ने उपायुक्त, संबंधित थानों और प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उदय का पता लगाने की मांग की है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है.
