गुमला लौटे दो गोल्ड मेडलिस्ट, टावर चौक पर फूलमालाओं से हुआ जोरदार स्वागत

मध्य प्रदेश में आयोजित नेशनल कॉम्बैट कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर गुमला लौटे खिलाड़ियों का टावर चौक पर भव्य स्वागत किया गया.

गुमला. मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित चार दिवसीय नेशनल कॉम्बैट कुश्ती चैंपियनशिप में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर गुमला लौटे खिलाड़ियों का शुक्रवार को टावर चौक पर फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया. चैंपियनशिप में स्पोर्ट्स एकेडमी गुमला के खिलाड़ी अरिब आब्दीन और नीरज मांझी ने झारखंड का प्रतिनिधित्व किया.

फाइनल में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को हराया

चैंपियनशिप में दोनों खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों को पराजित किया. इसके बाद फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

टावर चौक पर हुआ स्वागत

अरिब आब्दीन और नीरज मांझी का नप गुमला के उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, समाजसेवी निर्मल गोयल, एकेडमी के निदेशक सह प्रशिक्षक सैयद जुन्नू रैन, झारखंड कॉम्बैट कुश्ती संगठन के उपाध्यक्ष हफीजउर रहमान, राधेश्याम, मोहम्मद मुस्लिम, नसीम खान, मोहम्मद मेराज, सरवर खान, खिलाड़ी दीपक कुमार, नीरज महतो, प्रवीण गोप, एनोस एक्का, असर आब्दीन, पूर्णिमा कुमारी, मोनिका कुमारी और मोहम्मद तौसिफ सहित अन्य लोगों ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया.

गुमला सहित झारखंड को किया गौरवान्वित

एकेडमी के निदेशक सह प्रशिक्षक सैयद जुन्नू रैन ने कहा कि नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना गौरव की बात है. गुमला के खिलाड़ियों ने एक बार फिर गुमला जिला सहित पूरे झारखंड राज्य को गौरवान्वित किया है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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