गुमला में 4 किमी लंबा भीषण जाम, सड़क पर पलटा ट्रक, 200 से अधिक वाहन फंसे

गुमला के सीलम गांव के पास एनएच पर ट्रक पलटने से भीषण जाम लग गया है. रांची-छत्तीसगढ़ मार्ग पर 200 से अधिक ट्रक फंसे हुए हैं, प्रशासन रास्ता साफ करने में जुटा है.

गुमला. गुमला के सीलम गांव से बाइपास रोड तक करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क गुरुवार की सुबह भीषण जाम की चपेट में आ गयी. सीलम के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक मालवाहक ट्रक के बीच सड़क पर पलट जाने के बाद वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. सुबह करीब नौ बजे से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गयीं.

चार किलोमीटर क्षेत्र में ठप हुआ आवागमन

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, इस भयंकर जाम में 200 से अधिक ट्रक फंसे हुए हैं. इस मार्ग के बंद होने से रांची और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग लगभग ठप हो गया है, जिस वजह से लंबी दूरी की गाड़ियां सड़कों पर कतार में खड़ी नजर आ रही हैं. वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो गयी है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.

प्रशासन की ओर से ट्रक हटाने का प्रयास जारी

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया है. प्रशासन और पुलिस बल द्वारा बीच सड़क पर पलटे मालवाहक ट्रक को हाइड्रा व क्रेन की मदद से हटाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि सड़क को जल्द से जल्द साफ कराकर वाहनों का परिचालन सामान्य किया जायेगा, ताकि यात्रियों को इस मुसीबत से राहत मिल सके.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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