गुमला : गुमला शहर मेन चौक कहे जाने वाले शहीद चौक (टावर चौक) के समीप बने पुलिस शेड को तोड़े जाने के बाद जिले में सियासी घमासान छिड़ गया है. शेड तोड़े जाने और वहां दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने के निर्माण कार्य को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता आमने-सामने आ गए हैं. गुरुवार को घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, जिसके बाद वहां मौजूद झामुमो कार्यकर्ताओं और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस और जुबानी जंग शुरू हो गई. विवाद बढ़ता देख नगर परिषद की अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने मौके पर पहुंचकर फिलहाल निर्माण कार्य पर रोक लगाने का निर्देश जारी कर दिया है.
बिना प्रशासनिक स्वीकृति तोड़ा गया पुलिस पिकेट
घटना के विरोध में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में दर्जनों नेता और शहरवासी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे. प्रतिनिधिमंडल ने नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) मनीष कुमार से मुलाकात कर अवैध निर्माण रोकने के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा. भाजपा नेताओं और अन्य नागरिकों का कहना था कि जिस जगह पर पुलिस शेड था, वहां चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था और गश्ती दुरुस्त रहती थी. ऐसे में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और एनओसी (NOC) के रातों-रात पुलिस पिकेट को तोड़कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे शहर में सामाजिक असंतोष फैलने की आशंका बढ़ गई है.
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नप EO ने झाड़ा पल्ला, JMM ने दी सफाई
नगर परिषद कार्यालय में जब शहरवासियों ने शेड तोड़ने और प्रतिमा स्थापित करने के आदेश पर सवाल किया, तो नगर परिषद अध्यक्ष इस पूरे मामले पर अनजान बने. वहीं कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद से इस संबंध में कोई एनओसी या प्रशासनिक आदेश जारी नहीं किया गया है. EO ने असमर्थता जताते हुए कहा कि उन्हें भी इस निर्माण की जानकारी चौक से गुजरते वक्त हुई थी और यह पूरा कार्य वरीय अधिकारियों व राज्य सरकार के निर्देश पर कराया जा रहा है. दूसरी ओर, झामुमो नेता अनवर ने पूरे मामले पर कहा कि झारखंड के महान सपूत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना के लिए गड्ढा खोदा गया है और प्रतिमा लगने के बाद वहां नए सिरे से आधुनिक पुलिस शेड का निर्माण करा दिया जाएगा.
टावर चौक पर घंटों चली जुबानी जंग
नगर परिषद कार्यालय से निकलकर अध्यक्ष शकुंतला उरांव शहरवासियों के साथ शहीद चौक पहुंचीं और वहां काम कर रहे मजदूरों से पूछताछ की. मजदूरों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से काम रोकने की हिदायत दी. इसी दौरान मौके पर पहुंचे झामुमो नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह कार्य सरकार के आदेश पर हो रहा है, जिन्हें आपत्ति है वे सरकार के पास जाएं. भाजपा नेताओं और स्थानीय लोगों का कहना था कि दिशोम गुरु एक महान शख्सियत हैं, लेकिन शहीद चौक के एक छोटे से कोने में उनकी प्रतिमा स्थापित करना और इसके लिए सुरक्षा शेड को तोड़ना पूरी तरह अनुचित है. दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक चले हंगामे के बाद फिलहाल निर्माण कार्य बंद करा दिया गया है.
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