महाराष्ट्र भागने की फिराक में थे रिमांड होम से फरार किशोर, गुमला पुलिस ने रांची में दबोचा

Gumla News: गुमला के सिलम स्थित बाल सुधार गृह से चादर की रस्सी और हुक के सहारे दीवार फांदकर फरार हुए तीन किशोरों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर रांची से गिरफ्तार कर लिया है. वे एक प्रेमिका के बुलावे पर महाराष्ट्र भागने की फिराक में थे. पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें.

Gumla News, गुमला, (दुर्जय पासवान की रिपोर्ट): गुमला जिले के सिलम स्थित बाल सुधार गृह (रिमांड होम) से फरार हुए तीन किशोरों को गुमला पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी सर्विलांस और लगातार चलाए गए छापेमारी अभियान के कारण तीनों किशोर महाराष्ट्र भागने की अपनी योजना में पूरी तरह विफल रहे और उन्हें रांची से दबोच लिया गया.

दीवार फांदकर हुए थे फरार, मचा था हड़कंप

पुलिस प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (15 मई) की सुबह करीब 6:18 बजे रिमांड होम में दुष्कर्म और चोरी के मामलों में निरुद्ध तीन किशोर सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर चारदीवारी फांदकर फरार हो गए थे. बाल सुधार गृह से एक साथ तीन अपराधियों के भागने की खबर से पूरे जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी गुमला, विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया. इस विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं (मशीनी ट्रैकिंग और गुप्तचरों) के आधार पर जाल बिछाया और शनिवार को तीनों को धर-दबोचा.

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लोहरदगा में छिपे थे, प्रेमिका के बुलावे पर जा रहे थे महाराष्ट्र

जांच में यह बात सामने आई है कि रिमांड होम से भागने के बाद तीनों किशोर सबसे पहले लोहरदगा पहुंचे थे, जहां वे एक परिचित के घर में छिपकर ठहरे हुए थे. लेकिन जैसे ही उन्हें वहां पुलिस की बढ़ती दबिश की भनक लगी, वे वहां से भागकर रांची पहुंच गए. रांची से वे ट्रेन या अन्य साधनों के जरिए सीधे महाराष्ट्र भागने की फिराक में थे. पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि फरार किशोरों में से एक की प्रेमिका ने उसे महाराष्ट्र बुलाया था, जिसके बाद ही इन तीनों ने वहां जाने की पूरी योजना तैयार की थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि पुलिस टीम की तरफ से थोड़ी सी भी देरी होती, तो तीनों किशोर महाराष्ट्र की ट्रेन पकड़ चुके होते.

नाली के स्लैब की छड़ को बनाया था हुक, चादर की बनाई रस्सी

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि ये किशोर अचानक नहीं भागे, बल्कि वे कई दिनों से इस फरारी का फुलप्रूफ प्लान बना रहे थे. उन्होंने परिसर की नाली के स्लैब में लगी एक जर्जर लोहे की छड़ को उखाड़ा और उसे मोड़कर हुक (आंकड़ा) का आकार दे दिया. इसके बाद उन्होंने सोने वाली चादरों को आपस में बांधकर एक मजबूत रस्सी बनाई. घटना की सुबह उन्होंने दीवार पर लगे लोहे के एंगल में उस हुक को फंसाया और चादर के सहारे इतनी ऊंची चारदीवारी को पार कर गए.

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पकड़े गए किशोरों में से दो लोहरदगा जिले के रहने वाले हैं, जो दुष्कर्म (Rape) जैसे गंभीर आरोप में पिछले करीब सात महीनों से इस बाल सुधार गृह में बंद थे. वहीं, तीसरा किशोर गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड का निवासी है, जिसे चोरी के आरोप में करीब दस महीने पहले रिमांड होम भेजा गया था. फिलहाल पुलिस तीनों किशोरों को गुमला लाकर कड़ी पूछताछ कर रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.

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Published by: Sameer oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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