गुमला में बाकी नदी पुल के नीचे गिरी बाइक, दो की मौत और एक घायल

गुमला के खरका में बाकी नदी पुल के नीचे बाइक गिरने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक घायल है। स्टंटबाजी और नशे को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है।

गुमला: गुमला से 13 किमी दूर खरका गांव से होकर बहने वाली बाकी नदी पुल के समीप मंगलवार को दिन के 11 बजे भीषण सड़क हादसा हुआ. एक ही बाइक पर सवार होकर आ रहे तीन युवक तेज रफ्तार और अनियंत्रित होने के कारण पुल के नीचे जा गिरे. दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गयी, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया.

स्थानीय खरका निवासी प्रकाश तिवारी ने बताया कि बाइक की गति बेहद तेज थी, जिससे चालक अपना संतुलन खो बैठा और गाड़ी सीधे पुल के नीचे जा गिरी. घटना के बाद आनन-फानन में एंबुलेंस बुला कर तीनों को सदर अस्पताल गुमला भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया और एक घायल का इलाज जारी है.

मृतकों की पहचान 25 वर्षीय मंगरा उरांव और 30 वर्षीय चरकू उरांव के रूप में हुई है, जबकि 25 वर्षीय सूरज उरांव का इलाज चल रहा है. तीनों घाघरा प्रखंड के बड़काडीह गांव के रहने वाले हैं. घटना की जानकारी मिलते टोटो थाना के एसआइ गफ्फार अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू करते हुए दुर्घटनाग्रस्त बाइक को जब्त कर लिया.

अचानक बाइक का अगला चक्का उठा दिया

घायल सूरज उरांव ने बताया कि चरकू गाजीपुर के ईंट-भट्ठे में काम करता था और उसका पैसा आने की खुशी में तीनों ने हड़िया-दारू का सेवन किया था. इसके बाद वे खरका डेली मार्केट से मछली खरीदने जा रहे थे. बाइक चला रहे मंगरा उरांव ने अचानक गाड़ी का अगला चक्का उठा दिया, जिसे देख पीछे बैठा सूरज कूद गया और अपनी जान बचा ली. लेकिन अनियंत्रित मोटरसाइकिल झाड़ियों से टकराते हुए पुल के नीचे जा गिरी. चरकू ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि मंगरा को अस्पताल में मृत घोषित किया गया. मंगरा त्रिपुरा के ईंट भट्ठे में काम करता था और दोनों हाल ही में अपने घर लौटे थे.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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