ईश्वर हमारे बच्चों को बचा लें
टनल हादसा. तेलंगाना में घटनास्थल पर पहुंचे परिजन, दृश्य देख कर आंखों से निकले आंसू
गुमला. तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में स्थित श्रीशैलम के टनल में जहां गुमला जिले के चारों मजदूर फंसे हुए हैं. मंगलवार को मजदूरों के परिजन उस टनल तक पहुंचे. वहां का नजारा देख कर मजदूरों के परिजनों की आंखों में आंसू आ गये. परिजनों ने कहा कि ईश्वर हमारे बच्चों को बचा लें. बता दें कि प्रभात खबर की पहल के बाद गुमला प्रशासन ने सभी चार मजदूरों के परिवार के एक-एक सदस्य को तेलंगाना भेजा है. मंगलवार को सभी परिजन पहुंच गये. परिजनों के साथ गुमला प्रशासन ने दो अधिकारियों को भी भेजा है. परिजन तेलंगाना पहुंचने के बाद जहां मजदूर फंसे हैं, वहां पहुंच स्थिति की जानकारी ली. साथ ही तेलंगाना सरकार व प्रशासन द्वारा मजदूरों को बचाने के लिए क्या कदम उठाया गया है, उसकी जानकारी परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से ली है.
मजदूरों का रेस्क्यू ऑपरेशन चालू है : नागरकुरनूल
श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल परियोजना के एक हिस्से के ढहने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में गुमला जिले के चार श्रमिक समेत कुल आठ श्रमिक फंसे हुए हैं. इस गंभीर परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के आलोक में जिला प्रशासन गुमला द्वारा जिले के श्रमिकों के परिजनों को हरसंभव सहयोग किया जा रहा है. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा है कि सोमवार की शाम को सभी चार श्रमिकों के परिजनों में से एक-एक सदस्य को फ्लाइट के माध्यम से नागरकुरनूल जिले भेजा गया. वर्तमान में सभी परिजन वहां पहुंच चुके हैं और स्थानीय जिला प्रशासन से संपर्क में हैं. नागरकुरनूल जिले के उपायुक्त बधावथ संतोष ने परिजनों से मुलाकात की और उन्हें घटनास्थल के लिए थोड़ी देर में ले जाया गया है. रेस्क्यू अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए परिजनों को संभावित रूप से तीन से चार दिनों तक वहां रहना पड़ सकता है. जानकारी के अनुसार वर्तमान में रैट माइनिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए फंसे श्रमिकों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही ऊपरी सतह से ड्रिलिंग करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए दिल्ली जियोलॉजिकल की टीम घटनास्थल की ओर प्रस्थान कर चुकी है.
तेलंगाना प्रशासन के संपर्क में है गुमला प्रशासन
परिजनों के साथ गुमला जिला प्रशासन की ओर से डीएफएफटी फैलो अविनाश पाठक व गुमला पुलिस के सब इंस्पेक्टर निखिल आनंद भी मौजूद हैं, जो हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं. जिला प्रशासन व परिजन सकारात्मक सूचना की प्रतीक्षा कर रहे हैं तथा सभी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी की आशा व्यक्त कर रहे हैं. इधर गुमला जिला प्रशासन तेलंगाना सरकार व स्थानीय प्रशासन के निरंतर संपर्क में है और बचाव कार्यों की नियमित निगरानी कर रहा है.
मजदूरों की सुरक्षा के लिए पूजा कर रहे हैं परिजन
इधर, टनल में फंसे मजदूरों के परिजन गुमला में हर दिन पूजा पाठ कर रहे हैं, ताकि उनके बच्चे वापस सुरक्षित आ सके. हालांकि तीन दिन से मजदूर टनल के अंदर हैं. टनल के अंदर वे कैसे हैं. इससे सभी लोग अनभिज्ञ हैं. परंतु नागरकुरनूल प्रशासन के अनुसार मिट्टी ढह गयी है. वहां गिली मिट्टी के नीचे सभी मजदूर फंसे हुए हैं. इसलिए मजदूर कैसे हैं. इसकी जानकारी फिलहाल में किसी के पास नहीं है. हालांकि अभी भी तेलंगाना सरकार ने उम्मीद नहीं छोड़ी है और मजदूरों को टनल के अंदर से निकालने में लगी है, जबकि दूसरी तरफ परिजनों को अब ईश्वर पर भरोसा है कि चारों मजदूरों को ईश्वर ही सुरक्षित निकालेंगे.
अब वापस गुमला आना चाहते हैं मजदूर
तेलंगाना में 100 से अधिक मजदूर गुमला जिले के बताये जा रहे हैं. इसमें अलग-अलग गांवों व प्रखंडों के सभी मजदूर हैं. टनल हादसा के बाद चार दिनों से यहां काम ठप है और मजदूरों को तीन माह से मजदूरी नहीं मिली है. वहां जो मजदूर सुरक्षित हैं, वे अब गुमला आना चाह रहे हैं. मजदूरों ने कहा है कि अगर कंपनी उनलोगों का बकाया तीन माह का मानदेय दे दें, तो वे गुमला वापस चले जायेंगे. हालांकि गुमला के कई मजदूर टनल में फंसे अपने साथी मजदूरों की खोजने में कंपनी व स्थानीय प्रशासन का साथ दे रहे हैं.
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