घाघरा: प्रभात खबर की मुहिम और अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का असर हुआ है. विधानसभा चुनाव के दौरान सड़क की मांग को लेकर वोट बहिष्कार करने वाले घाघरा प्रखंड के सुदूरवर्ती बिमरला, दिरगांव, रुकी पंचायत समेत दर्जनों गांवों के लोगों का वर्षों पुराना सड़क निर्माण का सपना अब साकार होने जा रहा है.
झारखंड सरकार की कैबिनेट ने घाघरा से जोकरी होते हुए रनहे, कुंदो और रुकी घाटी तक करीब 19.100 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण योजना को मंजूरी दे दी है. सड़क का निर्माण 101 करोड़ 77 लाख 37 हजार 700 रुपये की लागत से कराया जायेगा. यह योजना कल्याण मंत्री सह बिशुनपुर विधायक चमरा लिंडा की पहल पर स्वीकृत हुई है.
आजादी के बाद से सड़क सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे इस क्षेत्र के लोगों की यह सबसे बड़ी मांग रही है. जर्जर सड़क और आवागमन की कठिनाइयों के कारण ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था. बरसात में कई गांवों का संपर्क लगभग कट जाता था.
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण कई गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों की जान भी जा चुकी है. झामुमो के केंद्रीय सदस्य संजीव उरांव और युवा नेता सत्येंद्र उरांव ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान विधायक चमरा लिंडा ने सड़क निर्माण का वादा किया था.
अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने से उस वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है. कैबिनेट से स्वीकृति मिलने की खबर के बाद बिमरला, दिरगांव, रुकी और आसपास के गांवों में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए मंत्री चमरा लिंडा के प्रति आभार जताया है.
