मछली पालन से किसानों की आर्थिक मजबूती जिले की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी है : किरण माला बाड़ा

गुमला में राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर किसानों के बीच 1.60 करोड़ मछली बीज का वितरण किया गया। मछली पालन से जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इस साल जिले के कुल 300 मछली पालक किसानों के बीच 7500 लाख स्पॉन वितरण का लक्ष्य रखा गया है. गुमला राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर जिला मत्स्य कार्यालय गुमला में शुक्रवार को कृषकों के बीच स्पॉन (मत्स्य बीज) वितरण सह गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा व जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुमलता उपस्थित रही. कार्यक्रम में बसिया, गुमला व सिसई प्रखंड के आठ लाभुक मत्स्य कृषकों के बीच रेहु, कतला व मृगल किस्म के 1.60 करोड़ स्पॉन का वितरण किया गया. प्रत्येक लाभुक को 20-20 लाख स्पॉन दिया गया. मौके पर जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने कहा कि गुमला जिला मछली उत्पादन का हब बनने की ओर अग्रसर है.

यहां के मछली पालक किसान काफी अच्छे तरीके से मछली का उत्पादन और उसका व्यवसाय कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहे हैं. यह जिले की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अच्छा है. सरकार की भी सोच है कि किसान किसानी के क्षेत्र में आगे बढ़े. इसके लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है.

उन्होंने अधिक से अधिक किसानों को मछली पालन से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि यह रोजगार का एक नये अवसर की तरह है. खेतीबारी करने वाले किसान भी अतिरिक्त आय के लिए खेतीबारी के साथ मछली पालन भी कर सकते हैं. जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुमलता ने कहा कि भारत देश का हर राज्य व हर जिला नीली क्रांति की ओर आगे बढ़ रहा है. हमारा प्रयास है कि हमारा गुमला जिला भी तेजी के साथ उस क्षेत्र में बढ़े. इसके लिए सरकार द्वारा मछली पालक किसानों के लिए योजनाएं चला रही है. स्पॉन का वितरण भी उन्हीं योजनाओं का एक हिस्सा है.

इस बरसात के सीजन में कुल 300 मछली पालक किसानों के बीच 7500 लाख स्पॉन वितरण का लक्ष्य रखा गया है. स्पॉन वितरण की शुरूआत हो गयी है. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी मछली पालक किसानों के बीच स्पॉन का वितरण किया जायेगा. स्पॉन के साथ फ्राई केचिंग नेट व मछली आहार भी दिया जायेगा. मौके पर मछली पालक किसान बसिया के ज्योति लकड़ा, काली भगत, बिरसा खड़िया व ईश्वर गोप, गुमला के संतोष उरांव व मनोहर यादव एवं सिसई के मछली पालक किसान आतिफ आलम सहित मत्स्य कार्यालय के कर्मी मौजूद थे.


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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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