खेल, शिक्षा और सेवा के प्रेरणास्रोत थे फादर पीपी वनफल, 13वीं पुण्यतिथि पर किया नमन

गुमला में फादर पीपी वनफल की 13वीं पुण्यतिथि मनाई गई. रेक्टर ने उनके जीवन को सेवा, समर्पण और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया.

गुमलाः संत इग्नासियुस एराउज, गुमला में एराउज के संस्थापक और गुमला जिले को खेल के क्षेत्र में अलग पहचान दिलाने वाले स्वर्गीय फादर पीपी वनफल की 13वीं पुण्यतिथि गुरुवार को मनाई गई. इस अवसर पर संत इग्नासियुस में एराउज के समीप स्थापित उनकी प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में एराउज और संत इग्नासियुस के येशु समाजी पुरोहितों व कर्मियों ने फादर पीपी वनफल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उनके महान योगदान, सेवा-भावना और समाज के प्रति समर्पण को याद किया गया.

सेवा और मानवता की मिसाल थे फादर वनफल

संत इग्नासियुस के रेक्टर फादर फ्लोरेंस कुजूर ने फादर पीपी वनफल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा, समर्पण और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण था. उन्होंने संत इग्नासियुस विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया. विशेष रूप से खेल-कूद के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा. अपनी प्रतिभा और मेहनत से उन्होंने गुमला के खेल जगत को नई पहचान दिलायी और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन किया.

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शिक्षा और खेल को देते थे समान महत्व

प्राचार्य फादर मनोहर खोया ने शिक्षा, खेल सहित अन्य क्षेत्रों में फादर पीपी वनफल के योगदान की सराहना की. उन्होंने बताया कि फादर पीपी वनफल की कब्र संत इग्नासियुस के अपोस्तोलिक में है. उनकी कब्र पर लिखे तीन शब्द उनके जीवन के जज्बे और सोच को दर्शाते हैं.

जरूरतमंदों के विकास के लिए की एराउज की स्थापना

एराउज के निदेशक फादर एल्फिज केरकेट्टा ने कहा कि यह दिन फादर पीपी वनफल को श्रद्धापूर्वक याद करने और उनके महान जीवन व सेवाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है. उन्होंने कहा कि फादर पीपी वनफल केवल एक पुरोहित ही नहीं, बल्कि गुमला के शिक्षक और युवाओं के लिए महान सेवक थे. उन्होंने लोगों के बीच रहकर उनकी जरूरतों को समझा और उनके जीवन में आशा जगाने का काम किया.

उन्होंने कहा कि संत इग्नासियुस के विकास में फादर पीपी वनफल का महत्वपूर्ण योगदान रहा. उनका मानना था कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, अनुशासन, मेहनत और अच्छे संस्कार भी विद्यार्थियों के जीवन निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं. ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों के विकास व सशक्तीकरण के उद्देश्य से उन्होंने एराउज की स्थापना की. एराउज के माध्यम से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के बीच शिक्षा, जागरूकता और विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्यों की नींव रखी गई.

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ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में रेक्टर फादर फ्लोरेंस कुजूर, एराउज के निदेशक फादर एल्फिज केरकेट्टा, संत इग्नासियुस प्लस टू हाइ स्कूल के प्राचार्य फादर मनोहर खोया, सहायक प्राचार्य फादर प्रफुल्ल एक्का, फादर सुमन बेक, फादर ख्रीस्टोफर लकड़ा, जीवन प्रवेश के निदेशक फादर अगुस्टीन कुजूर समेत हाइ स्कूल, इंटर कॉलेज और संत जेवियर स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं एराउज के कर्मी मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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