गुमला गुमला में पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने का मामला सामने आया है. रविवार को शहर के जशपुर रोड स्थित कोऑपरेटिव बैंक परिसर में बिजली बिल जमा करने पहुंचे एक पूर्व नेवी अधिकारी को दो शातिर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर अपने झांसे में लिया और महज पांच मिनट के भीतर करीब 25 ग्राम सोने के जेवर लेकर फरार हो गये. पीड़ित बसंत कुमार साहू निवासी भलदम चट्टी असनी पंचायत ने गुमला थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. आवेदन के अनुसार बसंत साहू ने बताया कि वह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं. रविवार को वह जशपुर रोड स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में बिजली बिल जमा करने पहुंचे थे.
इसी दौरान एक युवक ने उन्हें स्कूटी किनारे खड़ी करने को कहा और खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि वह हाल में हुई सोना लूट की घटना की जांच कर रहा है. इसी बीच एक दूसरा युवक वहां पहुंचा और पहले युवक को अग्रवाल नाम बताते हुए कोई सामान सौंपा. कथित पुलिस अधिकारी ने उसे बैग में रख लिया और कहा कि अग्रवाल ने भी अपने सोने के जेवर जांच के लिए दिये हैं. इसके बाद उसने बसंत साहू से भी गले में पहनी करीब 15 ग्राम की सोने की चेन और लगभग 10 ग्राम की सोने की अंगूठी जांच के नाम पर मांगी.
ठग ने जेवर को कागज में मोड़कर रखने का नाटक किया और कुछ ही क्षण बाद जेवर लौटाने का दावा करते हुए उनकी जेब में तीन-चार छोटे पत्थर डाल दिये. बसंत साहू को लगा कि उनके जेवर वापस कर दिये गये हैं. इसलिए उन्होंने तत्काल जेब की जांच नहीं की. इसके बाद दोनों ठग वहां से फरार हो गये. कुछ देर बाद जब बसंत साहू थाना चौक स्थित मां इंडेन शेरावाली गैस एजेंसी के कार्यालय पहुंचा और जेब में हाथ डाला तो सोने के जेवर की जगह पत्थर मिले. तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ. उन्होंने तत्काल अपनी बेटी को घटना की जानकारी दी और गुमला थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज करायी.
दो दिन में दूसरी वारदात गौरतलब है कि यह महज दो दिनों के भीतर इस तरह की दूसरी घटना है. इससे पहले शनिवार को भी ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर एक महिला को इसी तरह अपने झांसे में लेकर उसके सोने के जेवर ठग लिये थे. उस मामले में गुमला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी ही थी कि ठगों ने दूसरे ही दिन फिर उसी अंदाज में वारदात को अंजाम देकर यह संकेत दे दिया कि शहर में उनका गिरोह सक्रिय है.
