सड़क पर हुआ प्रसव, 48 घंटे में बच्चे की मौत

सड़क पर हुआ प्रसव, 48 घंटे में बच्चे की मौत

चैनपुर(गुमला) : चैनपुर प्रखंड में सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है. एक गर्भवती महिला ने बीच सड़क पर गुरुवार को एक शिशु को जन्म दिया, परंतु 48 घंटे बाद शनिवार को शिशु का उचित इलाज नहीं होने से उसकी मौत हो गयी. यह मामला चैनपुर प्रखंड के बेंदोरा गांव का है. जानकारी के अनुसार, बेंदोरा गांव निवासी बासिल तिर्की की पत्नी मोदेसता कुजूर गुरुवार को प्रसव पीड़ा से परेशान थी. परिवार के लोगों ने गांव की सहिया को फोन कर मदद मांगी, परंतु सहिया ने अपने बेटे की तबीयत खराब होने का हवाला देकर पीड़ित परिवार की मदद नहीं की.

अंत में बासिल ने ममता वाहन चालक दिलीप टोप्पो को गाड़ी लेकर बुलाया, परंतु तबतक गर्भवती की स्थिति खराब हो गयी थी. परिवार के लोगों ने सहिया से मदद नहीं मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कुछ लोगों के फोन नंबर पर कॉल कर मदद मांगी. इसके बाद भी गर्भवती को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिला. अंत में मोदेसता की प्रसव पीड़ा देख कर उसे गाड़ी में बैठा कर चैनपुर अस्पताल लाया जा रहा था, परंतु कुछ दूर जाते ही रास्ते में ही गाड़ी में ही महिला का प्रसव हो गया.

इसके बाद परिवार के लोग जच्चा बच्चा को रास्ते से लेकर वापस घर आ गये. शिशु के जन्म के बाद पुन: मदद मांगी गयी, परंतु मदद का आश्वासन मिला. मदद नहीं मिली, जिससे शनिवार की सुबह 10 बजे शिशु की मौत हो गयी. परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

Post by : pritish sahay

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By Prabhat Khabar News Desk

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