प्रतिनिधि, गुमला
करीब 19 वर्ष पुराने दुष्कर्म के एक मामले में जज ने आरोपित को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने रायडीह थाना के उपर खटंगा निवासी जगरन्नाथ सिंह को दोषी पाते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. अभियोजन के अनुसार यह मामला वर्ष 2007 की है. आरोप है कि जगरन्नाथ सिंह ने एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था.
घटना के बाद पीड़िता ने रायडीह थाना में आरोपित के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस अनुसंधान के बाद मामला न्यायालय पहुंचा. जहां सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप साबित किया. सभी पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपित को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी. अदालत के इस फैसले को पीड़िता को लंबे इंतजार के बाद मिला न्याय माना जा रहा है.
