अब डीसी, एसडीओ, एसी, एलआरडीसी व सीओ कोर्ट के काम का भी बहिष्कार करेंगे अधिवक्ता
आंदोलन. निबंधन कार्यालय को गुमला से चार किमी दूर चंदाली ले जाने का मामला
गुमला. गुमला सिविल कोर्ट के अधिवक्ता निबंधन कार्यालय को चंदाली ले जाने से आक्रोशित हैं. अधिवक्ताओं ने गुमला कचहरी परिसर में निबंधन कार्यालय शिफ्ट करने की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज कर दिया है. डेढ़ माह से अधिवक्ता निबंधन कार्यालय के कार्यों का बहिष्कार किये हैं, जिससे जमीन की खरीद बिक्री व कोर्ट मैरिज का काम बंद हो गया है. अधिवक्ताओं के आंदोलन से निबंधन विभाग को करीब डेढ़ करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है. वहीं जमीन की खरीद-बिक्री व कोर्ट मैरिज बंद होने से आम जनता परेशान हैं. वहीं दूसरी तरफ सरकार व प्रशासन अधिवक्ताओं की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है. इसलिए अधिवक्ताओं ने अब डीसी, एसडीओ, एसी, एलआरडीसी व सीओ कोर्ट के कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. इस मुद्दे को लेकर बार एसोसिएशन की बैठक बुधवार को अध्यक्ष गिधवार अघन उरांव की अध्यक्षता में हुई. बैठक में उपस्थित सभी अधिवक्ताओं ने डीसी कोर्ट, एसडीओ, एसी, एलआरडीसी व सीओ कोर्ट से संबंधी कार्य नहीं करने का निर्णय लिया. मौके पर अध्यक्ष ने कहा कि निबंधन कार्यालय को कचहरी के समीप लाने की मांग को लेकर पूर्व में भी मांग की गयी थी. उक्त मांग को लेकर एक फरवरी से रजिस्ट्री संबंधी कार्य का बहिष्कार किया गया था. पर इस ओर प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं की गयी है, जिससे हम सभी अधिवक्ता बाध्य होकर आज से डीसी कोर्ट, एसडीओ, एसी व सीओ कोर्ट का कोई भी कार्य नहीं करेंगे. जब तक हमलोगों की मांग पूरी नहीं होती है, तब तक हमलोगों द्वारा उपरोक्त कोर्ट का कार्य नहीं करेंगे. मौके अधिवक्ता अमर सिन्हा, एनएमपी श्रीवास्तव, राणा नकुल सिंह, राकेश वर्मा, अरुण कुमार, गायत्री शर्मा, मुकुल पांडेय, बीएन पांडेय, प्रभात दीवान, आशुतोष श्रीवास्तव, प्रकाश गोप, मदन साहू, मुजीब आलम, राकेश किरण, डीएन ओहदार, बीएन ओहदार, राजेंद्र नाग, राज नारायण नाग, कौशिक वर्मा, रवींद्र सिंह, अवधेश सिंह, बलदेव शर्मा, गायत्री शर्मा, अरूण कुमार, जीतेंद्र सिंह, पपलू समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद थे.
मांग पूरी नहीं हुई, तो बहिष्कार जारी रहेगा : सचिव
सचिव ओमप्रकाश बाबूलाल ने कहा है कि रजिस्ट्री ऑफिस का चंदाली जाने से पूरे गुमला के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोग गुमला के हर कोने से सबसे पहले कोर्ट आते हैं. इसके बाद करीब छह किमी दूर रजिस्ट्री ऑफिस आते-जाते हैं. इस दौरान लोगों को मानसिक व शारीरिक ही नहीं आर्थिक रूप से भी हानि पहुंच रही है. ये सिर्फ वकीलों, ताईद की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे गुमला की समस्या है. प्रशासन जब तक हमलोगों की मांग पूरी नहीं करती है, तब तक हम लोग डीसी, एसडीओ, सीओ, एसी कोर्ट के कार्य का बहिष्कार जारी रखेंगे.
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