आंदोलनकारियों के संघर्ष से मिला है झारखंड : रोजलीन
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा बनारी की बैठक
बिशुनपुर. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा बनारी की बैठक महेंद्र उरांव के आवासीय प्रांगण में शुक्रवार को हुई. बैठक में 24 मार्च को झारखंड आंदोलनकारियों के राजकीय मान-सम्मान, अलग पहचान, रोजी-रोजगार व नियोजन की गारंटी व जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सम्मान पेंशन राशि 50-50 हजार रुपये सरकार से देने की मांग को लेकर झारखंड विधानसभा का घेराव प्रदर्शन कार्यक्रम में भाग लेने का निर्णय लिया गया. मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड अलग राज्य झारखंड आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष व बलिदान के बल पर अलग भाषा संस्कृति के आधार पर हुआ है. 25 वर्ष होने के बाद भी झारखंड अलग राज्य के मूल्य एवं झारखंड आंदोलनकारियों की भावनाओं का कद्र नहीं किया जाना दुर्भाग्य की बात है. आंदोलनकारी अपने अस्तित्व व अस्मिता की रक्षा व भविष्य की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. एक और आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध है. मौके पर एस्टेला चोरांठ, जसिंता मुंडाइन, सुमन उरांव, टेरेसा मुंडाइन, राजेंद्र असुर, मार्शल लकड़ा, हरि मोहन उरांव, सुनीता केरकेट्टा, कॉनोस्तान टोप्पो मौजूद थे.
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