विकट परस्थितिि है, धैर्य बनाये रखें

विकट परिस्थिति है, धैर्य बनाये रखें प्रतिनिधि, गुमलाकार्तिक उरांव कॉलेज गुमला में इंटर व स्नातक के विभिन्न संकाय में लगभग दस हजार छात्र अध्ययनरत हैं. ऐसे हर रोज विभिन्न संकाय के तीन से चार हजार छात्र कॉलेज पढ़ाई करने के लिए जाते थे. इस कॉलेज में सबसे अधिक दूर दराज के छात्र पढ़ते हैं. इसमें […]

विकट परिस्थिति है, धैर्य बनाये रखें प्रतिनिधि, गुमलाकार्तिक उरांव कॉलेज गुमला में इंटर व स्नातक के विभिन्न संकाय में लगभग दस हजार छात्र अध्ययनरत हैं. ऐसे हर रोज विभिन्न संकाय के तीन से चार हजार छात्र कॉलेज पढ़ाई करने के लिए जाते थे. इस कॉलेज में सबसे अधिक दूर दराज के छात्र पढ़ते हैं. इसमें वैसे छात्र है. जो मजदूरी करते हैं या फिर जिनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. लेकिन कॉलेज से गुंडागर्दी को खत्म करने में अहम भूमिका निभानेवाले प्राचार्य डॉ शशिभूषण की हत्या से छात्रों में दहशत है. प्राचार्य की हत्या के बाद सभी छात्र पढ़ाई छोड़ कॉलेज से निकल गये. देखते ही देखते पूरे कॉलेज में सन्नाटा पसर गया. कॉलेज से निकल कर सभी छात्र सड़क पर दिखने लगे. डर से कोई कॉलेज में नहीं रुका. सभी क्लास रूम बंद हो गये. कर्मचारियों ने भी काम बंद कर दिया. अभी स्नातक पार्ट थर्ड में नामांकन चल रहा है. घटना के बाद नामांकन प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है. रांची विश्वविद्यालय, रांची से संबंध यह जिले का एकमात्र प्रतिष्ठित कॉलेज है. 1960 ई में कॉलेज बना था. अभी यहां इंटर से बीए तक साइंस, कॉमर्स व आर्ट्स की पढ़ाई होती है. यहां 10 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. छात्र के अनुपात में शिक्षक कम हैं. शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भी संख्या कम है. विभिन्न विषयाें के लिए शिक्षक के 62 स्वीकृत पद हैं. इसमें मात्र 23 शिक्षक ही कार्यरत हैं. अर्थात 60 प्रतिशत शिक्षकों का पद रिक्त है. वहीं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की जरूरत 55 है. लेकिन मात्र 18 कर्मचारी ही कार्यरत हैं. इतनी समस्या होने के बाद भी प्राचार्य तीन साल से कॉलेज का सफल संचालन कर रहे थे. इस बार स्नातक का रिजल्ट भी बेहतर हुआ है.

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