आपसी सहयोग से जिले की समग्र रैंकिंग में लाया जा सकता है सुधार : उपायुक्त

गुमला में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश

गुमला. गुमला जिला समन्वय समिति की बैठक गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई. बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया. उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने प्रतिवेदन में उन बिंदुओं का स्पष्ट उल्लेख करें, जहां अन्य विभागों के सहयोग की आवश्यकता है, ताकि योजनाओं का संचालन तेज और प्रभावी तरीके से किया जा सके. स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को लेकर चर्चा हुई. उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्देश दिया कि विद्यालय स्तर पर बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों और विद्यार्थियों को जागरूक व प्रेरित किया जाये. साथ ही टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रभावी वीडियो और जागरूकता सामग्री तैयार कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा. बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जिले में लंबित पीएचसी व एचएससी भवनों के निर्माण कार्य एक सप्ताह के अंदर शुरू कराने के निर्देश दिये गये. पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने नगर परिषद को शहरी क्षेत्रों में सभी जल स्रोतों को दुरुस्त कर निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा. आगामी गर्मी और ड्राई जोन की स्थिति को देखते हुए विशेष कार्ययोजना बनाने तथा खराब जलमीनारों और ट्रांसफार्मरों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया. भूमि संरक्षण विभाग को जल स्रोतों और वाटर बॉडी के विकास के लिए समेकित योजना तैयार करने तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिये गये. स्वयं सहायता समूहों के गठन और उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया. सभी प्रखंडों के बीडीओ को किसानों को मत्स्य पालन, पशुपालन और अन्य आजीविका योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिये गये. वहीं कन्वर्जेंस प्लान 2026-27 के तहत विभिन्न विभागों के समन्वय से लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत योजना तैयार करने को कहा गया. बैठक में आइटीडीए, समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, कृषि, भूमि संरक्षण, उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य, जेएसएलपीएस और शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों की भी समीक्षा की गयी. पंचायत भवनों के सौंदर्यीकरण, प्रखंड कार्यालय परिसरों की नियमित साफ-सफाई और कार्य संस्कृति में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया. उपायुक्त ने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि आपसी सहयोग से जिले की समग्र रैंकिंग में सुधार लाया जा सकता है. बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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