ग्रामीणों की प्रतिक्रिया फोटो फाइल:6एसआइएम:1,2,3,4,5,6-ग्रामीण.सिमडेगा़ सूरज बांध की जर्जर स्थिति के संबंध में बीरू निवासी बसंत नारायण मांझी का कहना है बांध से कोई लाभ नहीं मिल रहा है. बल्कि किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. सैकड़ों एकड़ जमीन खराब हो रही है. इस संबंध में कई बार प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया. किंतु इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. कामेश्वर प्रसाद कहते हैं कि बांध में बालू व मिट्टी भर गया है. परिणाम स्वरूप पानी नहीं ठहर पाता है. बांध का बालू खेत में भर रहा है. यदि यही स्थिति रही तो आसपास के सभी खेतों में बालू भर जायेगा और खेत बरबाद हो जायेंगे. पंडरीपानी निवासी बिरसा कंडूलना कहते हैं कि पूर्व में धान के साथ गेहूं का फसल भी करते थे, किंतु डैम में पानी नहीं रूकने के कारण वर्षों से गेहूं की खेती नहीं कर पा रहे हैं. साथ ही धीरे-धीरे खेत भी खराब होता जा रहा है. नवाटोली निवासी सुशांति केरकेट्टा, सुसेना बखला, सेबीटोली निवासी प्रफुल डुंगडुंग व रोजालिया लकड़ा का कहना है कि यदि शीघ्र ही उक्त डैम की सफाई नहीं की गयी तो आसपास के सभी खेत बरबाद हो जायेंगे और किसानों के समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जायेगी.
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ग्रामीणों की प्रतिक्रिया फोटो फाइल:6एसआइएम:1,2,3,4,5,6-ग्रामीण.सिमडेगा़ सूरज बांध की जर्जर स्थिति के संबंध में बीरू निवासी बसंत नारायण मांझी का कहना है बांध से कोई लाभ नहीं मिल रहा है. बल्कि किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. सैकड़ों एकड़ जमीन खराब हो रही है. इस संबंध में कई बार प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया. […]
