प्रभात खबर आपके द्वार : 12 साल से बिजली नहीं, नदी का पानी पीते हैं 50 परिवार

गुमला प्रखंड के असनी पंचायत में फोरी नदीटोली गांव है.

हाल : असनी पंचायत के फोरी नदीटोली गांव की. : गुमला प्रशासन से कई बार समस्या दूर करने की मांग की गयी. लेकिन समस्या दूर नहीं हुई.

जगरनाथ पासवान, गुमला

गुमला प्रखंड के असनी पंचायत में फोरी नदीटोली गांव है. इस गांव में करीब 50 परिवार रहते हैं. यह गांव नदी के किनारे बसा हुआ है. लेकिन दुर्भाग्य है. यह गांव आज भी सरकारी योजनाओं से महरूम है. 12 साल से गांव में बिजली नहीं है. आज भी इस गांव के लोग ढिबरी युग में जी रहे हैं. हालांकि, ग्रामीण बताते हैं. 12 साल पहले जब बिजली तार व पोल गांव में लगा तो एक-दो महीने तक बिजली जली. इसके बाद से गांव की बिजली काट दी गयी. विभाग को कई बार सूचना दिया गया. लेकिन गांव में दोबारा बिजली जलाने की पहल नहीं हुई. जिस कारण लोग आज भी ढिबरी जलाकर अंधेरे से लड़ रहे हैं. यहां तक कि इस गांव में जल संकट गंभीर समस्या बनी हुई है. ऐसे, गांव में तीन सोलर जलमीनार बना है. लेकिन ग्रामीण बताते हैं. तीनों जलमीनार बेकार है. ग्रामीणों ने कहा कि गांव से बहने वाली नदी का पझरा पानी पीकर प्यास बुझाने को हमलोग मजबूर हैं. खराब जलमीनार की मरम्मत की मांग कई बार प्रशासन से किया. पर, प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया. यहां तक कि पीएचइडी विभाग भी समस्या को जानते हुए गहरी नींद में सोया हुआ है. गांव में पानी बिजली के अलावा कई अन्य समस्याएं भी हैं. समाज सेवी संजय कुमार भगत ने कहा है कि फोरी नदी टोली गांव के लोग जिस प्रकार संकट में जी रहे हैं. प्रशासन को एक बार गांव का भ्रमण करना चाहिए.

किसी भी मनुष्य के लिए पानी जरूरी है. लेकिन हमारे फोरी नदीटोली गांव में जल संकट है. क्योंकि गांव में बना तीन सोलर जलमीनार बेकार है. अगर जलमीनार बन जाता है तो गांव के लोगों की पानी की समस्या दूर हो जायेगी. अभी हमलोग नदी का पानी पीने को विवश हैं.

पलतुर उरांव, ग्रामीण

गांव में 12 साल से बिजली गुल है. बाल बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है. गांव के लोगों ने कई बार इसकी शिकायत विधायक से लेकर विभाग के अधिकारियों से किया. लेकिन आज तक गांव में बिजली बहाल करने की पहल नहीं की गयी. हमलोग अंधेरे में रहने को विवश हैं.

अनुराग उरांव, ग्रामीण

घर के हर छोटे बड़े काम के लिए पानी की जरूरत होती है. परंतु, गांव में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है. मजबूरन गांव से सटे नदी के पझरा पानी का उपयोग करते हैं. नदी में छोटा से चुआं खोदकर उसपर पानी जमा करते हैं. जिस पानी का घरेलू उपयोग में लाया जाता है.

मनी देवी, ग्रामीण

गुमला प्रशासन से मांग है कि गांव में पानी व बिजली की जो गंभीर समस्या है. उसका समाधान करें. क्योंकि, पानी व बिजली नहीं रहने के कारण गांव में निवास करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है. इधर उधर से पानी जुगाड़ कर प्यास बुझाना पड़ रहा है. संकट में जी रहे हैं.

सीतामनी देवी, ग्रामीण

गांव में पानी व बिजली के अलावा सड़क की भी समस्या है. प्रशासन से मांग है. एक बार गांव का अधिकारी भ्रमण करें. यहां क्या समस्या है. उन समस्याओं को एक बार देंखे. इसके बाद समस्या दूर करें. यह गांव गुमला शहर से नजदीक है. इसके बाद भी हमलोग समस्या से जूझ रहे हैं.

नेता देवी, ग्रामीण

गांव घर में अगर कोई शादी हो. कोई समारोह है. घरेलू कोई पार्टी हो. तो पानी नहीं रहने के कारण काफी परेशानी होती है. मेहमान आते हैं तो उनके सामने बुरा लगता है. मेहमान जब आने वाले रहते हैं तो पहले से इधर उधर से पानी की जुगाड़ कर लेते हैं. ताकि बेइज्जत होना न पड़े.

पंडिता देवी, ग्रामीण

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लेखक के बारे में

Author: VIKASH NATH

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