पालकोट (गुमला): पालकोट प्रखंड की डहुपानी पंचायत अंतर्गत नव प्राथमिक विद्यालय, चोरबंधा का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी ध्वस्त हो सकता है. भवन की खराब स्थिति के कारण कक्षा पहली से पांचवीं तक पढ़ने वाले 46 बच्चों की सुरक्षा पर हर दिन खतरा बना हुआ है. इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत या नए भवन निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इससे ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही है.
बीआरसी कार्यालय को गई भवन की स्थिति की जानकारी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक इंद्र लोहरा, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष छुन्नू सिंह और पंचायत के मुखिया कमल पहान ने बताया कि विद्यालय भवन लंबे समय से खराब स्थिति में है. प्रधानाध्यापक ने बताया कि भवन की स्थिति की जानकारी पहले ही बीआरसी कार्यालय को दी जा चुकी है. इसके अलावा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि को भी समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हो सका है.
मुखिया कमल पहान ने बताया कि करीब छह से सात माह पहले शिक्षा विभाग के अभियंता ने विद्यालय का निरीक्षण किया था, लेकिन जांच के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि यदि उनके अधिकार क्षेत्र में होता, तो अब तक नए भवन का निर्माण करा दिया जाता. उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक से भी गांव पहुंचकर पहल करने का आग्रह किया गया था, लेकिन इस दिशा में भी कोई प्रगति नहीं हुई है.
गांव तक पहुंचने वाली एकमात्र कच्ची सड़क भी बदहाल
चोरबंधा गांव पालकोट मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर जंगल और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है. गांव तक पहुंचने वाली एकमात्र कच्ची सड़क भी बदहाल है. जलडेगा मोड़ से चोरबंधा, कट्टरडांड और सिंजाग समेत कई गांवों को जोड़ने वाला यह मार्ग बरसात के दिनों में आवागमन के लिए काफी कठिन हो जाता है. ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जर्जर विद्यालय भवन की जगह जल्द नए भवन का निर्माण कराने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है.
