गुमला : गुमला थाना क्षेत्र के छोटा खटंगा निवासी बालक ठाकुर ने गुमला कोर्ट से अपने बेटे रमेश ठाकुर को वापस लाने की गुहार लगायी है. रमेश को वर्ष 2007 में कानाटोली ग्राम के प्रदीप उरांव व टोटो ग्राम के आशीष उरांव अपने साथ काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गये थे. इसके बाद से रमेश लापता है.
हालांकि पिता बालक ठाकुर ने अपने पुत्र रमेश को ढूंढ़ निकालने की कोशिश की. अब थक-हार कर बालक ठाकुर ने अपने बेटे को ढूंढ़ निकालने की अरजी लगायी है. साथ ही रमेश को ले जानेवालों पर बालक ठाकुर ने मुकदमा भी दर्ज किया है.
जिसमें प्रदीप उरांव व आशीष उरांव सहित नई दिल्ली के सकरपुर में एक प्लेसमेंट कंपनी चलानेवाले कुलदीप साहू को भी अभियुक्त बनाया गया है. बालक ठाकुर ने बताया कि रमेश अभी 19 वर्ष का हो गया है. लेकिन जिस समय प्रदीप और आशीष रमेश को अपने साथ ले गये थे. उस समय वह मात्र 12 साल का था. बालक ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2007 में एक दिन रमेश घर से अचानक से घर से गायब हो गया.
उसकी राह देखते-देखते दो दिन गुजर गया. रमेश के नहीं आने पर पिता बालक ठाकुर ने सगे संबंधियों से पूछताछ शुरू कर दिया. लेकिन रमेश का कहीं पता नहीं चला. इस पर बालक ठाकुर ने गुमला थाना में भी इसकी सूचना दी. लेकिन थाना में पिता की गुहार किसी ने नहीं सुनी. इसके बाद इधर लगभग छह-सात माह पूर्व पता चला कि प्रदीप और आशीष रमेश सहित शंकर लोहरा, प्रदीप लोहरा व प्रमिला देवी को काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गया है. जहां सभी लोगों को प्लेसमेंट कंपनी चलाने वाले कुलदीप साहू के पास रखा है.
हालांकि इस मामले को लेकर गत वर्ष 24 जनवरी को गांव में बैठक भी हो चुकी है. उस समय प्रदीप और आशीष ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए रमेश को वापस लाने की बात कही थी. लेकिन अभी तक दोषियों ने रमेश को नहीं लाया है.
