अतीत की यादें-225 गुम 12 में हरिचरण गोयल.गुमला. शहर के एसएस हाई स्कूल मोड़ निवासी हरिचरण गोयल की उम्र 93 वर्ष है. उन्होंने तब और अब के रामनवमी पर्व पर जानकारी दी. कहा कि आज भी गुमला में रामनवमी पर्व भाईचारगी की मिसाल पेश करता है. हालांकि अब जुलूस में निकलने वाले अखाड़ों की संख्या बढ़ी है. लेकिन पुराने और अब के जुलूस में काफी अंतर है. उस समय के जुलूस में पर्व के प्रति लोगों में भक्ति देखने को मिलता था. बहुत कम लोग निकलते थे, लेकिन जब नारा लगता था तो पूरा शहर गूंजता था. अब के जुलूस में पश्चिमी सभ्यता हावी हो गया है. दिन में ही पूजा होती थी और जुलूस निकलता था. समय का पूरा ख्याल रखा जाता था. अगर जुलूस में भक्ति रस लाना है तो हर अखाड़े को अनुशासन पर ध्यान देना होगा. वहीं बाजा व ताशा ही बजे. न कि लाउडस्पीकर से जय श्री राम के नारे लगे.
:::: हावी हो गया है पश्चिमी सभ्यता
अतीत की यादें-225 गुम 12 में हरिचरण गोयल.गुमला. शहर के एसएस हाई स्कूल मोड़ निवासी हरिचरण गोयल की उम्र 93 वर्ष है. उन्होंने तब और अब के रामनवमी पर्व पर जानकारी दी. कहा कि आज भी गुमला में रामनवमी पर्व भाईचारगी की मिसाल पेश करता है. हालांकि अब जुलूस में निकलने वाले अखाड़ों की संख्या […]
