गुमला. रौनियार भवन में घाघरा, बिशुनपुर, रायडीह व पालकोट प्रखंड व एराउज में सदर एवं सिसई प्रखंड की सहियाओं का पांचवां बैच प्रशिक्षण बुधवार से शुरू हुआ. प्रशिक्षण में माड्यूल ए नवजात शिशु क ा घरों में बच्चों की देखभाल की जानकारी दी गयी. मुख्य अतिथि सीएस डॉ एलएनपी बाड़ा ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य पूरा करने के लिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है. आप प्रशिक्षण ग्रहण कर अपने गांव में इसका लाभ दिलायंे. जिला कार्यक्रम समन्वयक जेवियर एक्का ने कहा कि नवजात शिशु की घरों में जाकर देखभाल के अनिवार्य कौशल, हाथ सफाई, वजन लेना, बेबी रेपिंग, तापमान लेना, आंख व नाभी नाल को स्वस्थ्य रखने को पुन: सिखाया जा रहा है. आप लोग इस कौशल को अच्छी तरह ग्रहण करें. ताकि इसका लाभ नवजात शिशु की रक्षा के लिए किया जा सके. जिला डाटा प्रबंधक राजीव कुमार, यूनिसेफ के क्षेत्रीय समन्वयक पवन कुमार ने भी प्रशिक्षण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया. मंच का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन राज्य प्रशिक्षक दल रामाकांत सिंह ने किया. मौके पर सीमा देवी, सुशांति धारी किं डो, सारिका तिर्की, एजरस एक्का, बालमुकुंद भगत, सुमन कुजूर, उर्मिला देवी, उमा देवी, जसिंता कुजूर, पदमा कुमारी, चिंतामनी देवी, जसिंता टोपनो, प्रिया केरकेट्टा, लीलन देवी सहित सहियाएं उपस्थित थीं.
मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है : सीएस
गुमला. रौनियार भवन में घाघरा, बिशुनपुर, रायडीह व पालकोट प्रखंड व एराउज में सदर एवं सिसई प्रखंड की सहियाओं का पांचवां बैच प्रशिक्षण बुधवार से शुरू हुआ. प्रशिक्षण में माड्यूल ए नवजात शिशु क ा घरों में बच्चों की देखभाल की जानकारी दी गयी. मुख्य अतिथि सीएस डॉ एलएनपी बाड़ा ने कहा कि मातृ एवं […]
