बसिया. वन विश्रामागार में बुधवार को सेवानिवृत्त वनरक्षी नारायण साहू को विदाई दी गयी. वनपाल अंथ्रेस सोरेंग ने कहा कि नौकरी में आना-जाना एक सरकारी प्रक्रिया है. सेवानिवृत्ति नौकरी का अभिन्न अंग है. उनके सेवानिवृत्त होने से वन विभाग ने एक ईमानदार सेवक हम से बिछड़ रहा है. वे 35 वर्षों तक योगदान दिया है. घाघरा, गुमला, बसिया व चैनपुर आदि जगहों में अपनी सेवाएं दी. हम सभी वन विभाग के कर्मी उन्हें शुभकामनाएं प्रदान करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है. इस अवसर पर वन कर्मियों ने उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया. मौके पर मंगल उरांव, उमाशंकर पाल, मनोहर एक्का, फिरू बड़ाइक, दल्लू उरांव, पहलू लोहरा, राजू उरांव सहित कई कर्मी शामिल थे.
सेवानिवृत्ति नौकरी का अभिन्न अंग है : अंथ्रेस
बसिया. वन विश्रामागार में बुधवार को सेवानिवृत्त वनरक्षी नारायण साहू को विदाई दी गयी. वनपाल अंथ्रेस सोरेंग ने कहा कि नौकरी में आना-जाना एक सरकारी प्रक्रिया है. सेवानिवृत्ति नौकरी का अभिन्न अंग है. उनके सेवानिवृत्त होने से वन विभाग ने एक ईमानदार सेवक हम से बिछड़ रहा है. वे 35 वर्षों तक योगदान दिया है. […]
