एतवारी को नहीं मिला अब तक लाभ

एसपी के प्रयास से 23 साल बाद एतवारी दिल्ली से मुक्त हुई पालकोट : पालकोट प्रखंड के लोटवा गांव की एतवारी 23 साल बाद अपने घर लौटी. उसे दलालों ने दिल्ली में बेच दिया था. एसपी भीमसेन टुटी की पहल से उसे मुक्त करा कर गुमला लाया गया. अभी वह अपने घर में बूढ़ी मां […]

एसपी के प्रयास से 23 साल बाद एतवारी दिल्ली से मुक्त हुई
पालकोट : पालकोट प्रखंड के लोटवा गांव की एतवारी 23 साल बाद अपने घर लौटी. उसे दलालों ने दिल्ली में बेच दिया था. एसपी भीमसेन टुटी की पहल से उसे मुक्त करा कर गुमला लाया गया. अभी वह अपने घर में बूढ़ी मां के साथ है. परंतु प्रशासन द्वारा अभी तक उसे कोई सरकारी लाभ नहीं दिया गया है. जबकि मानव तस्करी के शिकार होने के बाद जो लोग वापस आते हैं.
उनके पुनर्वास, रोजगार के लिए प्रशासन द्वारा लाभ देना है. पर अब 15 दिन से अधिक होने जा रहा है. एतवारी का अभी तक प्रखंड प्रशासन सुधी भी लेने उसके घर नहीं गया है. एतवारी चाहती है कि उसे कुछ काम मिल जाये, तो वह करे. क्योंकि अभी वह बेकार है. अगर उसे रोजगार नहीं मिला, तो निश्चित रूप से वह पुन: बहकावे में आकर पलायन कर सकती है. एतवारी किस हाल में है.
प्रखंड प्रशासन यह जानने का प्रयास नहीं किया है.
जबकि दूसरी ओर गुमला सर्किल के इंस्पेक्टर सह अहतू इंचार्ज तेजनारायण सिंह ने एतवारी को पुनर्वास का लाभ देने के लिए वरीय अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं. यहां तक कि श्रम अधीक्षक को भी पत्र लिख कर एतवारी द्वारा अबतक किये गये मजदूरी का पैसा दिलवाने की मांग किये हैं. इंस्पेक्टर अपनी ओर से प्रयास कर रहे हैं कि एतवारी को सरकारी लाभ मिल जाये. पर दूसरी ओर पालकोट प्रखंड प्रशासन अभी तक एतवारी का लाभ देने के नाम पर सोयी हुई है.

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