लाइसेंस देने में विभाग डाल रहा अड़चन

खनन विभाग क्रशर मालिकों को लाइसेंस देने में कर रहा आनाकानी पत्थर खनन कार्य बंद होने से विकास पर पड़ने लगा असर जिन चार क्रशरों का कागजात वैध था, वे भी सील के डर से बंद किये क्रशर मालिक विभाग का चक्कर काट रहे हैं. अधिकारी से मुलाकात नहीं गुमला : खनन विभाग क्रशर मालिकों […]

खनन विभाग क्रशर मालिकों को लाइसेंस देने में कर रहा आनाकानी

पत्थर खनन कार्य बंद होने से विकास पर पड़ने लगा असर

जिन चार क्रशरों का कागजात वैध था, वे भी सील के डर से बंद किये

क्रशर मालिक विभाग का चक्कर काट रहे हैं. अधिकारी से मुलाकात नहीं

गुमला : खनन विभाग क्रशर मालिकों को लाइसेंस देने में अड़चन डाल रहा है. इससे जिले के सभी क्रशर बंद हो गये. भंडारण भी नहीं हो रहा है. इससे विकास कार्यों पर असर पड़ने लगा है. क्रशर मालिक खनन विभाग से मिलनेवाले लाइसेंस के लिए हर रोज विभाग का चक्कर लगा रहे हैं.

परंतु विभाग के लोगों द्वारा लाइसेंस देने में तरत-तरह के अड़चन डाला जा रहा है. इससे क्रशर मालिकों में आक्रोश है. कई लोगों ने तो पत्थर का व्यवसाय बंद करने की चेतावनी दी है. अगर ऐसा होता है, तो सरकार द्वारा संचालित कई विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ेगा.

निजी कार्य भी प्रभावित होंगे. प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कागजात बनाने में लाखों रुपये खर्च हो चुका है. विभाग में इधर-उधर नजराना भी देना पड़ रहा है. अगर जल्द क्रशर मालिकों को लाइसेंस (एल फार्म) नहीं दिया जाता है, तो काफी परेशानी होगी.

पर्यावरण का क्लियरेंस मिला फिर भी बाधा : खनन विभाग नियम के तहत तुरंत भंडारण का लाइसेंस दे सकता है.

क्रशर मालिकों का कहना है कि जान-बूझ कर विभाग द्वारा परेशान करने के लिए तरह-तरह के कागजात मांगे जा रहे हैं. सभी लोगों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरण का क्लियरेंस ले लिया है. इसके बाद भी गुमला खनन पदाधिकारी व उसके आजू-बाजू घूमने वाले लोग परेशान कर रहे हैं.

अंसारी की खूब चलती है खनन विभाग में : बताया जा रहा है कि नजराना नहीं मिलने के कारण विभाग के लोग ऐसा कर रहे हैं. विभाग में अंसारी नाम का कर्मचारी सबसे ज्यादा लोकप्रिय है. लंबे समय से खनन विभाग में रहने के बाद उनका बदली हो गयी थी, परंतु फिर वे खनन विभाग में आ गये हैं. क्रशर मालिकों का कहना है कि यहां के अधिकारी भी उनसे ही पूछ कर काम करते हैं.

ड्राफ्ट जमा है फिर भी मामला लटका : क्रशर मालिकों ने विभाग द्वारा मांगे गये ड्राफ्ट के अनुसार पांच-पांच हजार रुपये का ड्राफ्ट जमा कर दिया गया है. इसके बाद भी नवीकरण नहीं हो रहा है. क्रशर मालिकों ने कहा कि बैंक से ऋण लेकर काम कर रहे हैं. अगर समय से ऋण चुकता नहीं हुआ तो कई लोग परेशानी में पड़ सकते हैं.

पावर का गलत उपयोग किया :सिसई के क्रशर मालिक महमूद अली ने कहा कि 31 मार्च तक के लिए मेरा सारा कागज ओके था. उसके लिए मैंने भंडारण किया था. परंतु जब प्रशासन क्रशर की जांच करने लगी तो भंडारण के साथ क्रशर को सील कर दिया. विभाग ने अपने पावर का गलत उपयोग किया है. अगर जल्द लाइसेंस नहीं मिलता है, तो मेरे परिवार के ऊपर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जायेगी.

विभाग क्रशर मालिकों को परेशान न करें : भाजपा जिला अध्यक्ष विजय कुमार मिश्र खनन विभाग पहुंचे. उस समय अधिकारी व कर्मचारी नहीं थे. ताला लगा हुआ था. उन्होंने हंगामा किया. मिश्र ने कहा कि विभाग मनमानी कार्य न करे. रघुराज में गलत काम करनेवाले बख्शे नहीं जायेंगे. जब लाइसेंस गुमला से दिया जा सकता है, तो विभाग काम करे. नहीं तो विभाग के खिलाफ मोरचा खोलना पड़ेगा.

सील के डर से गुमला के कई क्रशर बंद

प्रशासन ने अभियान चला कर कई क्रशर को सील कर दिया है. इसमें वैसे भी क्रशर को सील किया गया है, जिसका भंडारण कागजात ओके था. क्रशर मालिक परेशान हैं. वहीं कुछ लोगों का लाइसेंस 31 दिसंबर तक था. अब उनका डेट भी खत्म हो गया. खनन विभाग द्वारा उनको भी लाइसेंस नहीं दिया जा रहा है. इस कारण डर से क्रशर मालिकों ने अपने क्रशर को खुद बंद कर दिया.

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