भारतीय नवयुवक मोटिया मजदूर संघ ने एसडीओ से भेंट की
गुमला : भारतीय नवयुवक मोटिया मजदूर संघ सोमवार को एसडीओ से उनके कार्यालय में जाकर भेंट कर मजदूरी दर 50 प्रतिशत बढ़ाने की मांग की. मजदूरों ने कहा है कि अगर मांग पूरी नहीं होती है तो लोडिंग व अनलोडिंग का सारा काम ठप रहेगा.
गाड़ी से किसी प्रकार का सामान न उतारा जायेगा और न चढ़ाया जायेगा. मजदूरों ने कहा है कि वर्ष 2013 में ही मजदूरी दर बढ़ाने पर बात हुई थी. चेंबर ने इस पर सहमति दी थी. पर दो साल हो गये. अभी तक मजदूरी दर नहीं बढ़ाया गया है. जिला अध्यक्ष विष्णु राम ने कहा है कि यहां व्यापारी अपने मन से मजदूरी देना चाहते हैं. जबकि इस महंगाई में परेशानी है.
उन्होंने एसडीओ से मोटिया की स्थिति को देखते हुए मजदूरी बढ़ाने की मांग की है. समस्या सुनने के बाद एसडीओ ने कहा कि 13 जनवरी को श्रम अधीक्षक के कार्यालय में बैठक रखी गयी है.
जहां मजदूरी दर पर फैसला किया जायेगा. मौके पर प्रदीप राम, राजेश राम, लक्ष्मी राम, धरम राम, मुकेश राम, बबलू राम, कन्नीलाल राम, विनोद राम, अशोक राम, मुकेश नायक, सुरेश राम, राजू राम, पवन राम, बृज राम, सनी लोहरा, सुनील राम, कैलाश राम, प्रकाश राम, भरत राम, सूरज राम, करण राम, दीपक राम, संजय राम, शिवा नायक, गुलशन तिर्की, छोटू महतो, इंदु नायक सहित कई लोग थे.
चेंबर ने सौंपा ज्ञापन: चेंबर के अध्यक्ष मो सब्बू के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल एसडीओ डॉ नेहा अरोड़ा को ज्ञापन सौंप कर शहर के मोटिया मजदूरी दर निर्धारित करने की मांग की है. ज्ञापन में प्रतिनिधि मंडल ने कहा है कि मोटिया संघ द्वारा अपनी मजदूरी दर पचास प्रतिशत बढ़ाने की मांग रखी है. इस संबंध में चेंबर ने कार्यसमिति व व्यापारियों के साथ बैठक की. बैठकों में व्यापारियों ने मोटिया मजदूरी दर दस प्रतिशत बढ़ाने पर अपनी सहमति दी.
मोटिया मजदूरी दर अचानक पचास प्रतिशत बढ़ा देना अनुचित है. परंतु मोटिया संघ ने इस प्रस्ताव को नहीं मानते हुए अपने कर्मियों के साथ 11 जनवरी से बिना किसी सूचना के हड़ताल पर चले गये है. जिससे व्यापारियों को परेशानी हो रही है. प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यादि मोटिया मजदूरी दर किसी भी परिस्थिति में अधिकतम दस प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए. मौके पर मो सब्बू, मेघा आनंद, अभिजीत जायसवाल, हिमांशु केसरी, अभिनव माहेश्वरी, पवन अग्रवाल सहित कई व्यापारी शामिल थे.
