नहीं बनी गुमला शहर की बाइपास सड़क

दुर्जय पासवान गुमला : गुमला शहर की बाइपास सड़क का निर्माण गत 17 वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका है. अब तक करीब 42 फीसदी काम ही हुआ है. नेशनल हाइवे संख्या 43 व 78 को जोड़ने वाली यह सड़क रांची, ओड़िशा व छत्तीसगढ़ राज्य के लिए महत्वपूर्ण है. इधर शहर की सड़कें संकीर्ण […]

दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला शहर की बाइपास सड़क का निर्माण गत 17 वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका है. अब तक करीब 42 फीसदी काम ही हुआ है. नेशनल हाइवे संख्या 43 व 78 को जोड़ने वाली यह सड़क रांची, ओड़िशा व छत्तीसगढ़ राज्य के लिए महत्वपूर्ण है.
इधर शहर की सड़कें संकीर्ण होने के कारण हर रोज जाम लगता रहता है. बाइपास सड़क का शिलान्यास 25 अगस्त 2002 को तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने किया था. बाद में 18 अप्रैल 2016 को सीएम रघुवर दास ने 68.94 करोड़ की लागत से बननेवाली बाइपास सड़क का सिसई प्रखंड में ऑनलाइन शिलान्यास किया. फिलहाल काम बंद है.
जन प्रतिनिधि ने कहा
अधूरी सड़क को लेकर मैंने विधानसभा में आवाज उठायी थी. सरकार का जवाब था कि 42 फीसदी सड़क बनी है. संवेदक को टर्मिनेट कर देने के कारण अभी काम अधूरा है. री-टेंडर की प्रक्रिया चल रही है.
शिवशंकर उरांव, विधायक गुमला
बाइपास सड़क अधूरी रहने तथा उड़ती धूल से गुमला शहर के लोग परेशान हैं. शहर के विकास के लिए भी बाइपास सड़क जरूरी है.
हिमांशु केसरी, चेंबर अध्यक्ष
यह सड़क 17 सालों से बन रही है. इधर शहर में रोज जाम लगता है तथा सड़क हादसे हो रहे हैं. सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.
दिलीप नीलेश, दवा विक्रेता
गुमला शहर में पैदल चलना मुश्किल हो गया है. जब तक बाइपास सड़क नहीं बनती है, परेशानी झेलनी पड़ेगी.
अरुण कुमार, अधिवक्ता

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