डेयरी विभाग में 25 लाख रुपये की मशीन बेकार, दुग्ध उत्पादन भी बंद

अनदेखी : श्वेत क्रांति का सपना अधूरा होता प्रतीत हो रहा है गुमला :गुमला जिले में दुग्ध उत्पादन कर श्वेत क्रांति लाने का सपना देखा गया था. इसके लिए गुमला डेयरी विभाग में पहल भी शुरू हुई थी. लेकिन विभाग की लापरवाही व दो-तीन गाय पालकों की मिलीभगत से विभाग ही ठप हो गया है. […]

अनदेखी : श्वेत क्रांति का सपना अधूरा होता प्रतीत हो रहा है

गुमला :गुमला जिले में दुग्ध उत्पादन कर श्वेत क्रांति लाने का सपना देखा गया था. इसके लिए गुमला डेयरी विभाग में पहल भी शुरू हुई थी. लेकिन विभाग की लापरवाही व दो-तीन गाय पालकों की मिलीभगत से विभाग ही ठप हो गया है. इस कारण श्वेत क्रांति का सपना अधूरा होता प्रतीत हो रहा है.
गुमला से तीन किमी दूर चंदाली स्थित गव्य विकास विभाग दूध उत्पादन के मामले में ठप पड़ा हुआ है. करीब 25 लाख रुपये की मशीन रखी-रखी बेकार हो गयी. अब यह मशीन कबाड़ी के भाव बिकेगी. 25 लाख रुपये की मशीन एक कमरे में बंद है. एक समय में यहां बड़े पैमाने पर दूध का उत्पादन होता था. गुमला के दूध को गुमला जिले के बाजारों के अलावा दूसरे जिले में भी बिक्री के लिए भेजा जाता था. लेकिन वर्ष 2011 से यह विभाग दूध बिक्री के क्षेत्र में ठप पड़ा हुआ है.
जिस कमरे में मशीन रखी हुई है, उस कमरे में ताला जड़ दिया गया है. दरवाजा दीमक खा गया है. लोहे का एक ग्रील है, परंतु उसे परदा से ढक कर रखा है. मशीन रखा कमरा कचरे से भर गया है. प्रभात खबर के पहुंचने पर वर्षों बाद मशीन रखे कमरे को खोला गया. पूरा भवन मशीन व कचरों से भरा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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