रायडीह : रायडीह प्रखंड में आम्रपाली आम की मिठास प्रखंड व जिला तक सीमित नहीं है, बल्कि ओड़िशा के राउरकेला, छत्तीसगढ़ राज्य व रांची बाजार में भी अपनी मिठास से ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं. प्रखंड में आम बागवानी से 1050 किसान जुड़े हैं, जिसमें आठ किसान कृषि उद्यमी के रूप में कार्य कर रहे हैं. स्थानीय बाजार में सीमित आम खपत होने के बाद किसानों को थोक भाव में आम बेचने के लिए भटकना पड़ता था.
इधर, तीन वर्षों से सिजिंटा फाउंडेशन इंडिया के को-ऑर्डिनेटर सुमित लायक के सहयोग से प्रखंड के उद्यमी किसानों को सीधे रांची व ओड़िशा के राउरकेला मंडी से जोड़ा गया है. किसान अपनी फसल आम को थोक भाव में आसानी से बेच कर आर्थिक सशक्त हो रहे हैं. उन्हें स्थानीय बाजार पर आम बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है. प्रतिदिन रांची व राउरकेला के खरीदार गांव तक पहुंच रहे हैं. प्रतिदिन आठ से दस टन आम का क्रय-विक्रय कर रहे है. रांची व राउरकेला के विक्रेता द्वारा क्रय विक्रय करने से किसानों के चेहरे पर मुस्कान है. अभी तक लगभग 200 टन आम का विक्रय कर किसान कर चुके हैं.
आम उद्यमी किसान के रूप में माइकल एक्का, फ्लोरा तिर्की, माधव सिंह, ग्लोरिया तिर्की, जसमुनी तिर्की, धर्मा मुंडा, हरिलाल एक्का व बिहार सिंह हैं. उपरोक्त किसानों ने बताया कि आम की फसल के खरीदार गुमला के बाजार में नहीं हैं. मजबूरन हमें कम दामों पर पहले बेचना पड़ रहा था. हमें फसल बेचने के बाद बहुत कम आय प्राप्त होती थी. जब से सिजिंटा फाउंडेशन यहां आया है, इसके को-ऑर्डिनेटर सुमित लायक की मदद से हमारे आमों को ओड़िशा में बेचा जा रहा है, तब से हमारी आय बढ़ गयी है. सिजिंटा फाउंडेशन के सुमित लायक ने बताया कि आगे चल कर इन आमों को मेट्रो सिटी में बैंडिंग कर भेजने की योजना है. बड़े बाजार जैसे बिग बाजार, रिलायंस फ्रेश, माता डेयरी में सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है. वहीं किसानों का मार्गदर्शन करने में सिजिंटा फाउंडेशन के साथ-साथ प्रदान, टीआरआइएफ व महिला विकास मंडल रायडीह की महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं.
