मतगणना में सर्विस वोटरों के इपी की भी होगी गणना.
इसीआइ निदेशक बीएन शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंस कर इपी की जानकारी दी.
गुमला : जिला प्रशासन गुमला द्वारा सर्विस वोटरों के लिए निर्गत किये गये लगभग सात हजार इपी (इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल) में लगभग दो हजार इपी वापस गुमला आ गया है. एनआइसी गुमला से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गुमला जिला के 6775 सर्विस वोटर ऐसे हैं, जो गुमला से बाहर देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवा दे रहे हैं.
चूंकि गत माह 29 अप्रैल को लोहरदगा संसदीय सीट के लिए हुए मतदान के दिन ऐसे वोटर मतदान करने के लिए गुमला नहीं आ पाये. ऐसे वोटरों को वोट करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से इटीपीबीएस द्वारा डाक विभाग के माध्यम से इपी उपलब्ध कराया गया था. जिला प्रशासन की ओर से लगभग सात हजार इपी उपलब्ध कराया गया था, जिसमें से लगभग दो हजार इपी वापस आ गया है.
वहीं शेष इपी अब तक गुमला नहीं आया है. मतगणना के दिन सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने से पूर्व यदि सभी इपी वापस गुमला आता है और जिला प्रशासन को मिलता है, तो मतगणना में ऐसे वोटरों के वोट की भी गणना की जायेगी.
इधर, इपी वोट के गणना को लेकर बुधवार को इसीआइ (इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया) के निदेशक बीएन शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंस किया. वीडियो कॉन्फ्रेंस में गुमला जिले से उपविकास आयुक्त हरिकुमार केसरी, डीआरडीए निदेशक हैदर अली, एआरओ सह सदर एसडीओ मेनका सहित अन्य पदाधिकारी व इ-डिस्टिक के कर्मी शामिल थे. जिसमें इसीआइ निदेशक ने इपी वोट के गणना की विभिन्न पहलुओं से पदाधिकारियों को अवगत कराया.
23 को सुबह आठ बजे तक मिलने वाले इपी की होगी गणना: एनआइसी पदाधिकरी हरेंद्र सिंह ने बताया कि रोजाना डाक विभाग के माध्यम से प्रशासन को इपी प्राप्त हो रहा है. इपी को भी मतगणना में शामिल किया जायेगा और जिस प्रत्याशी के पक्ष में सर्विस वोटर ने वोट दिया है, उक्त प्रत्याशी के पक्ष में उनके वोट की गणना होगी. मतगणना 23 मई को होना है. उक्त दिन सुबह आठ बजे तक इपी मिलता है, तो उसे गणना में शामिल किया जायेगा और आठ बजे के बाद मिलने वाले इपी को गणना में शामिल नहीं किया जायेगा.
चुनाव आयोग का इपी सेवा नयी पहल :गुमला से बाहर देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवा दे रहे गुमला के सर्विस वोटरों के लिए चुनाव आयोग की ओर से इपी (इलेक्ट्रोनिक पोस्टल) सेवा एक नयी पहल है. पूर्व में ऐसा होता रहा है कि चुनाव के वक्त गुमला से बाहर देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे सर्विस वोटर गुमला नहीं आ पाते थे.
जिस कारण वे अपना वोट करने से वंचित रह जाते थे, परंतु इस बार चुनाव आयोग ने ऐसे वोटरों को सर्विस वोटर का नाम दिया और वोट करने के लिए इपी सेवा शुरू की. इपी के कारण मतदान का प्रतिशत भी बढ़ेगा. गत 29 अप्रैल को लोहरदगा संसदीय सीट के लिए हुए मतदान में गुमला जिला का मतदान प्रतिशत 64.88 प्रतिशत रहा, जो अब इपी के कारण बढ़ने वाला है.
